
कर्क राशि शनि ढैया
भोपाल. साल के पहले महीने में महज एक पखवाड़े बाद शनि की चाल (Shani Gochar 2023) कुछ राशियों का भाग्योदय कराएगी तो कुछ के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। 17 जनवरी 2023 को शनि का राशि परिवर्तन (Shani Gochar 2023) हो रहा है. इस दिन शनि अपनी राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे। यह राशि परिवर्तन कुछ राशियों के भाग्य की गति और दिशा बदल देगी। इसमें मीन राशि के लिए मुश्किल भरे दिनों का पहला चरण शुरू होगा, जबकि मकर और कुंभ राशि पर भी साढ़े साती चलेगी।
Shani Ki Sadhe Sati: ग्रह नक्षत्र ज्योतिष शोध संस्थान प्रयागराज के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय का कहना है कि नव वर्ष 2023 में 17 जनवरी से मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती के पहले चरण की शुरुआत होगी। इस दौरान मकर और कुंभ राशि पर भी साढ़े साती रहेगी। इन दिनों इन राशियों के जातकों के लिए विभिन्न क्षेत्रों से कुछ परेशानियां आ सकती हैं। हालांकि न्याय के देवता शनि अच्छे और बुरे कर्मों का फल देने वाले देवता हैं।
इसमें वह कोई गुरेज नहीं करते। इसलिए इन दिनों जातक के अच्छे कर्म उसे शनि के कोप से बचा सकते हैं, बल्कि कई मामलों में शनि सोई किस्मत को भी जगा देते हैं। इसलिए इन दिनों अच्छे कर्म करिए और शनि को प्रसन्न करने के उपाय करते रहिए। इससे आपकी तरक्की होगी और पूर्व में किए गए खराब कार्यों के परिणाम स्वरूप कष्ट भी कम मिलेंगे।
Shani Ki Dhaiya 2023 का प्रभावः ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार 17 जनवरी 2023 को जैसे ही शनिदेव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, उसी क्षण से कर्क एवं वृश्चिक राशि वाले शनि की ढैया (Shani Ki Dhaiya 2023) से प्रभावित होने लगेंगे। आचार्य वार्ष्णेय ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में इसका वर्णन है कि जन्म राशि से गोचर शनि के चौथी और आठवीं राशि में आने से व्यक्ति को ढाई साल की ढैया समय अवधि के चलते विशेष संघर्ष करना पड़ता है।
17 जनवरी 2023 से कर्क राशि के लिए अष्टम स्थान में और वृश्चिक राशि के लिए चतुर्थ स्थान में शनि के गोचर के कारण इन दोनों राशि वालों को ढाई साल विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
ये उपाय शनि के दुष्प्रभाव को करेंगे कमः आचार्य वार्ष्णेय के अनुसार शनि की साढ़े साती और ढैया के वक्त जातक कुछ उपायों को अपना कर संघर्ष की पीड़ा को काफी कम कर सकता है। उनके अनुसार अपनी ग्रह दशा के अनुसार उपाय कर अनिष्ट ग्रहों की पीड़ा का शमन किया जा सकता है। जानिए क्या करना चाहिए उपाय।
1. दुष्प्रभाव की पीड़ा कम करने के लिए नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
2. पीपल के पेड़ के नीचे शनिवार के दिन दीया जलाना चाहिए।
Updated on:
01 Jan 2023 04:20 pm
Published on:
01 Jan 2023 04:19 pm
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