
मां कात्यायनी का स्वरूप
मां कात्यायनी की सवारी शेर है। इनके सिर पर मुकुट सुशोभित है। माता की चार भुजाएं हैं। माना जाता है कि मां के इस स्वरूप की पूजा अर्चना से विवाह में आ रही परेशानी दूर हो जाती है।
मां कात्यायनी का भोग
मान्यता है कि मां कात्यायनी को शहद और पीले रंग का भोग प्रिय है। इसलिए माता को शहद से तैयार हलवे का भोग लगाया जाता है।
मां कात्यायनी की पूजा विधि
1. सुबह की पूजा में रोज की तरह साफ वस्त्र पहनकर पीले फूल चढ़ाएं, माता को पीले रंग का भोग लगाएं।
2. अक्षत कुमकुम, रोली, पीला पुष्प, पीला भोग चढ़ाएं।
3. माता के साथ दूसरे देवी देवताओं की भी पूजा करें।
4. माता की आरती करें और मंत्रों का जाप करें।
5. इसके बाद गोधूलि वेला के समय पीले या लाल वस्त्र पहनकर इनकी पूजा करनी चाहिए।
6. इस माता को पीले, लाल फूल और पीला भोग अर्पित करें, इन्हें चांदी या मिट्टी के पात्र में शहद अर्पित करें।
7. मां के सामने दीप जलाएं, सुगंधित पुष्प अर्पित करें, इससे प्रेम संबंधी बाधाएं भी दूर होंगी।
8. इसके बाद 3 गांठ हल्दी की भी चढ़ाएं।
9. इसके बाद मां के सामने 51 माला मंत्रों का जाप करें।
ये भी पढ़ेंः घर के गेट पर बनाएं यह निशान, दूर रहेंगी बुरी आत्मा
मां कात्यायनी के मंत्र
कात्यायनी महामाये, महायोगिन्यधीश्वरी।
नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।
मंत्र
1. ॐ ह्रीं नम:।।
2. चन्द्रहासोज्जवलकराशाईलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।।
3. ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
Updated on:
19 Oct 2023 10:30 pm
Published on:
19 Oct 2023 10:29 pm
बड़ी खबरें
View Allधर्म और अध्यात्म
धर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
