
शास्त्रों में शिव पूजन का है खास महत्व, लेकिन भोलेनाथ की पूजा में इन बातों का रखें विशेष ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सभी देवों में भगवान शिव को प्रसन्न करना सबसे आसान होता है। मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर उनकी सभी इच्छाएं शीघ्र पूरी करते हैं और जीवन के कष्टों से मुक्ति दिलाते हैं। वहीं शास्त्रों में शिव पूजा को बहुत खास माना गया है। शिव पुराण में भी भगवान भोलेनाथ की प्रिय वस्तुओं के बारे में बताया गया है। तो आइए जानते हैं भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए उनकी पूजा में किन बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है...
1. नारियल पानी न चढ़ाएं
यूं तो पूजा-पाठ, हवन और प्रसाद के रूप में नारियल का इस्तेमाल किया जाता है। परंतु शास्त्रों के अनुसार नारियल को लक्ष्मी मां का स्वरूप माना जाने के कारण भगवान शिव के अभिषेक में नारियल पानी का उपयोग उचित नहीं माना गया है।
2. केतकी और केवड़े के फूल
भगवान शिव को पूजा में केवड़े और केतकी के फूल अर्पित करना भी निषेध माना गया है। बता दें कि भगवान शिव को कनेर और कमल के फूल बहुत प्रिय हैं।
3. पूरी परिक्रमा न लगाएं
शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव की कभी भी पूरी परिक्रमा नहीं की जाती। शिवलिंग के बाएं तरफ से परिक्रमा शुरू करके जहां से चढ़ाया हुआ जल बाहर निकलता है वहां तक खत्म करके वापस लौट आना चाहिए। माना जाता है कि शिवलिंग पर चढ़ाए हुए जल को कभी भी मांगना नहीं चाहिए।
4 शंख न बजाएं
पौराणिक मान्यता के अनुसार शंख को शंखचूड़ असुर का अंश माना जाता है जिसका वध भगवान शिव ने किया था। इसलिए शिव पूजा में शंख बजाने की भी मनाही है।
5. साबुत अक्षत चढ़ाएं
भगवान भोलेनाथ पर अक्षत अर्पित करना बहुत शुभ माना गया है परंतु इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अक्षत के दाने टूटे हुए नहीं होने चाहिएं। शास्त्रों के अनुसार टूटा हुआ चावल अपवित्र और अपूर्ण माना जाता है जिसका पूजा में इस्तेमाल करना सही नहीं होता।
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Published on:
10 May 2022 01:13 pm
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