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विदेश में एक शिव मंदिर जहां एक श्राप से स्थापित हुईं देवी दुर्गा

भगवान शिव का ऐसा ही एक बहुत सुंदर और प्राचीन मंदिर इंडोनेशिया के जावा में स्थापित है।

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नई दिल्ली। इंडोनेशिया नाम लैटिन शब्द इंडस (इंडियन) और ग्रीक शब्द नेसोस (द्वीप) से मिलकर बना है। इंडोनेशिया को वास्तविकता में भारतीय द्वीप समूह या ईस्ट इंडीज द्वीप समूह कहते हैं। इंडोनेशिया विश्व में सर्वाधिक द्वीप समूहों से निर्मित देश है जो 17,508 द्वीपों से मिलकर बना है जिसमे से लगभग 6000 द्वीपों पर आबादी निवास करती है। वैसे तो भगवान शिव के मंदिर दुनियाभर में स्थापित हैं। लेकिन यहां भगवान शिव के साथ-साथ कई देवी-देवताओं को अलग-अलग नामों से पूजा जाता है। भगवान शिव का ऐसा ही एक बहुत सुंदर और प्राचीन मंदिर इंडोनेशिया के जावा में स्थापित है। 10वीं शताब्दी में बना भगवान शिव का यह मंदिर प्रम्बानन मंदिर के नाम से जाना जाता है। शहर से लगभग 17 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। प्राचीन होने के साथ-साथ, इसके बनने के पीछे एक कथा के लिए भी मशहूर है।

यहां देवी दुर्गा के रूप में रोरो जोंग्गरंग को पूजा जाता है

आपको बता दें इस मंदिर में भगवान शिव के साथ एक देवी की भी मूर्ति स्थापित है। उस मूर्ति को देवी दुर्गा के रूप में पूजा जाता है। यहां पर देवी की स्थापना के पीछे एक कहानी है। कहा जाता है कि एक समय पर जावा में बका नाम का एक दैत्य राजा हुआ करता था। कहते हैं उसकी एक बहुत ही सुंदर बेटी थी, जिसका नाम रोरो जोंग्गरंग था। कथाओं के अनुसार बांडुंग बोन्दोवोसो नाम का एक व्यक्ति रोरो जोंग्गरंग से शादी करने की इच्छा रखता था, लेकिन रोरो जोंग्गरंग उससे शादी नहीं करना चाहती थी।

रोरो उसके प्रस्ताव को सीधे-सीधे माना नहीं कर पा रही थी। बांडुंग बोन्दोवोसो के शादी के प्रस्ताव को मना करने के लिए रोरो जोंग्गरंग ने उसके आगे के शर्त रखी। शर्त यह थी कि बांडुंग को एक ही रात में एक हजार मूर्तियां बनानी होंगी। अगर वह ऐसा कर दे, तो ही रोरो जोंग्गरंग उससे शादी करेगी। शर्त को पूरा करने के लिए बांडुंग ने एक ही रात में 999 मूर्तियां बना दीं और जब वह आखिरी मूर्ति बनाने जा रहा था। तो यह देखकर रोरो जोंग्गरंग ने पूरे शहर के चावल के खेतों में आग लगवा दी और पूरा समा ऐसा कर दिया मानों रात में दिन के समान उजाला हो गया हो। इस धोखे की वजह से बांडुंग बोन्दोवोसो आखरी मूर्ति नहीं बना पाया और शर्त हार गया।

जब बांडुंग बोन्दोवोसो को इस धोखे का पता चला, तो उसे बहुत गुस्सा आया और उसने रोरो जोंग्गरंग को वो आखिरी मूर्ति बन जाने का श्राप दे दिया। प्रम्बानन मंदिर में रोरो जोंग्गरंग की उसी मूर्ति को देवी दुर्गा मान कर पूजा जाता है। रोरो जोंग्गरंग मंदिर या प्रम्बानन मंदिर हिंदुओं के साथ-साथ वहां के स्थानीय लोगों के लिए भी भक्ति का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है। यहां भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव का एक-एक मंदिर है। सभी भगवानों की मूर्तियों के मुंह पूरब दिशा की ओर है। हर मुख्य मंदिर के सामने पश्चिम दिशा में इन भगवान से जुड़ा एक मंदिर है। यह मंदिर भगवानों के वाहनों को समर्पित है। भगवान ब्रह्मा के सामने हंस, भगवान विष्णु के लिए गरूड़ और भगवान शिव के लिए नन्दी का मंदिर बना हुआ है। इनके अलावा परिसर में और भी कई मंदिर बने हुए हैं।