
भगवान श्री राम का जन्म रामनवमी के दिन अयोध्या में हुआ और वहीं से उनके जीवन की शुरुआत हुई। अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी 9 नवंबर 2019 को ऐतिहासिक फैसला सुनाया जिसमें रामलला को मंदिर बनाने की अनुमती दी गई।
पढ़ें ये खबर- भगवान श्रीराम से जुड़ी ये बड़ी बात नहीं जानते होंगे आप
रामायण के माध्यम से हम भगवान राम के बारे में बहुत कुछ जानते हैं लेकिन बहुत सी बातें नहीं भी जानते हैं। सबसे पहले रामायण महर्षि वाल्मीकि ने लिखी थी। लेकिन तुलसीदास जी द्वारा रामचरितमानस सबसे प्रसिद्ध मानी जाती है। भगवान राम से जुड़ी खास बातें आइए जानते हैं...
- भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं राम
भगवान श्री राम को विष्णु जी का 7वां अवतार माना जाता है। त्रेतायुग में भगवान विष्णु जी ने राम के अलावा वामन और परशुराम के रुप में भी अवतार लिया था।
- 1,296,000 साल पहले हुई थी त्रेतायुग की समाप्ति
भगवान राम का जन्म त्रेता युग में हुआ था और इस युग में राम को मानव रुप में पूजे जाने वाले देवता माने जाते थे। माना जाता है की त्रेता युग की समाप्ति आज से करीब 1,296,000 साल पहले हो चुकी थी।
- भगवान राम को इसलिये कहा जाता है सूर्यवंशी
भगवान राम का जन्म इक्ष्वाकु वंश में हुआ था और इक्ष्वाकु वंश की स्थापना भगवान सूर्य के पुत्र ने की थी। इसलिये भगवान श्री राम को सूर्यवंशी कहा जाता है।
- भगवान विष्णु का 394वां नाम
राम विष्णु सहस्रनाम नामक पुस्तक में भगवान विष्णु के एक हजार नामों की सूची दी गई है। इस सूची के अनुसार, राम भगवान विष्णु का 394वां नाम है। भगवान राम का नामकरण महर्षि वशिष्ठ ने किया था।
- भगवान राम के नाम से मिलती है शक्ति
महर्षि वशिष्ठ के अनुसार राम अग्नि बीज और अमृत बीज से मिलकर बना है। दो बीजाक्षरों से बना ये शब्द व्यक्ति के दिमाग, शरीर और आत्मा को शक्ति प्रदान करता है।
- ग्यारह हजार वर्षों तक राम ने किया अयोध्या पर शासन
भगवान राम ने ग्यारह हजार वर्षों तक अयोध्या राज्य पर शासन किया था। इस स्वर्णिम काल को राम राज्य के रूप में जाना जाता है।
- भगवान राम द्वारा समाधि लेना
मान्यताओं के अनुसार जब सीता ने पृथ्वी के अन्दर समाहित होकर अपने शरीर का परित्याग कर दिया था उसके बाद भगवान राम ने भी सरयू नदी में जल समाधि ले ली थी।
- राम नाम का तीन बार उच्चारण
महाभारत में वर्णित है कि एक बार भगवान शिव ने कहा था कि राम का नाम तीन बार उच्चारण करने से हजार देवताओं के नामों का उच्चारण करने के बराबर फल की प्राप्ति होती है।
Updated on:
10 Nov 2019 11:42 am
Published on:
10 Nov 2019 11:36 am
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