
योग: वृद्धि नामक योग प्रात: 10.31 तक, तदन्तर ध्रुव नामक योग है। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग है। विशिष्ट योग: सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग दोपहर बाद 2.19 से अगले दिन सूर्योदय तक। सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग में समस्त शुभापेक्षित कार्य सिद्ध होते हैं। शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज अनुराधा नक्षत्र में यथाआवश्यक विवाह का अति आवश्यकता में अशुद्ध मुहूर्त है। (भौमयुति दोष)

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: 8.35 तक शुभ, पूर्वाह्न 11.19 से दोपहर 12.41 तक चर, दोपहर 12.41 से अपराह्न 3.25 तक लाभ व अमृत तथा सायं 4.47 से सूर्यास्त तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12.19 से दोपहर 1.03 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभ कार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

राहुकाल: दोपहर बाद 1.30 से अपराह्न 3.00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभ कार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।