नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती : सप्ताहिक वार के अनुसार देवी के इस पाठ का होता है विशेष लाभ, ऐसे समझें

अब तक नवरात्रों में नहीं कर सके हैं देवी मां की पूजा तो बस एक दिन करें ये कार्य, पूरी होगी मनोकामना!

By: दीपेश तिवारी

Published: 11 Oct 2021, 03:17 PM IST

हिंदू धर्म में शक्ति की देवी की पूजा का पर्व नवरात्र साल में चालर बार आता है, इनमें से भी दो गुप्त होती है। वहीं दो अन्य क्रमश: चैत्र नवरात्रि व शारदीय नवरात्रि के नाम से जानी जाती हैं।

मान्यता के अनुसार नवरात्र के नौ दिनों में देवी मां की पूजा से कई तरह के विशिष्ट कार्य पूरे होते हैं। पंडितों व जानकारों के अनुसार भी किसी भी कार्य के लिए शक्ति की विशेष आवश्यकता होती ही है, और देवी मां का ही शक्ति की प्राप्ति के लिए आह्वान किया जाता है। वहीं इस साल यानि 2021 में शारदीय नवरात्रि 7 अक्टूबर से शुरू हो गईं हैं।

पंडित एके शुक्ला के अनुसार नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना विशेष फलदायी माना गया है। उनके अनुसार दरअसल माना जाता है कि इस समय यमराज अपना मुंह खोलते हैं, ऐसे में इसमें लिखे मंत्र न केवल आपकी विभिन्न रोगों से रक्षा करते हैं, बल्कि दुर्गा सप्तशती का पाठ कई तरह के विशेष फल भी प्रदान करता है। इसके अलावा भी सप्तशती का पाठ पूरे वर्ष कर भक्त देवी मां की कृपा प्राप्त करते हैं।

समय की कमी होने पर ये करें उपाय
माना जाता है कि पुराने समय में नवरात्र के दौरान लोग पूर्ण रूप से देवी मां की भक्ति में ही लीन रहते थे, और अपना सारा समय माता के चरणों में बिताते थे। लेकिन वर्तमान में दौड़ भाग वाली इस जिंदगी में भक्त तमाम कोशिशों के बावजूद नवरात्र में देवी के लिए पूरी तरह से समय नहीं निकाल पाते हैं।

यदि आप भी अभी तक किन्हीं कारणों-वश मातारानी की पूजा में पूरा समय व ध्यान नहीं दे पाएं हैं, तो भी एक तरीका ऐसा भी है जिसके संबंध में माना जाता है कि उसे अपना कर भी आप देवी मां को प्रसन्न कर उनसे पूर्ण आशीर्वाद पा सकते हैं।

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NAVRATRI PARV: शारदीय नवरात्रि

जी हां, यदि आप नवरात्र के बीत चुके पिछले दिनों में अब तक देवी मां की पूजा या अन्य भक्ति में पूरा ध्यान नहीं दे सके होें, तो जानकारों के अनुसार नवरात्र में एक दिन ऐसा होता है। जो आपको एक ही दिन में पूरे नौ दिनों का फल दे सकता है।

उनके अनुसार दुर्गा सप्तशती का पाठ व रामरक्षास्त्रोत का पाठ कर हम आसानी से देवी मां को प्रसन्न कर सकते है। वहीं यदि अन्य दिनों में हम इन पाठों को नहीं कर सके हों तो केवल अष्टमी के दिन भी पूरी श्रृद्धा से इनका पाठ करने से तकरीबन सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

सप्ताह के दिनों का असर
वहीं पंडित शुक्ला का यह भी कहना है कि दुर्गा सप्तशती का पाठ सप्ताह के हर दिन पर अपना अलग प्रभाव दिखाता है और सप्ताह के वार के मुताबिक दुर्गा सप्तशती का पाठ कई फल देने वाला माना जाता है।

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Shardiya Navratri 2021 Calendar

दरअसल सप्ताह के हर अलग अलग दिन में मां का ध्यान करने का अलग महत्व है। ऐसे में सोमवार से रविवार तक के हर दिन में सप्तशती का पाठ खास होता है, आइए जानते हैं कि जानकारों के अनुसार सप्तशती का पाठ सप्ताह के किस दिन कितना फल प्रदान करता है—

1. सोमवार : सप्ताह में सोमवार के दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने के संबंध में माना जाता है कि इस दिन देवी के इस पाठ से एक हजार गुना फल प्राप्त होता है।
2. मंगलवार : सप्ताह के इस दिन यानि मंगलवार को दुर्गा सप्तशती पाठ करने से सौ पाठ करने का पुण्यफल प्राप्त होता है।
3. बुधवार : सप्ताह में बुधवार के दिन देवी मां दुर्गा के दुर्गा सप्तशती का पाठ एक लाख पाठ का फल देने वाला माना गया है।
4. बृहस्पतिवार और शुक्रवार : सप्ताह में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मां की आराधना करने का फल, दो लाख चंडी पाठ के फल के बराबर मिलता है।
5. शनिवार : सप्ताह के इस दिन यानि शनिवार को देवी मां का ध्यान कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से एक करोड़ चंडी पाठ के फल के बराबर होता है।
6. रविवार : माना जाता है कि जो मनुष्य रविवार के दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करता है, उसे नौ गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है।

दरअसल मां दुर्गा की आराधना के लिए दुर्गा सप्तशती पाठ विशेष रूप से किया जाता है। माना जाता है कि इस पाठ को करने से शुभ की प्राप्ति होने के साथ ही अनिष्ट का नाश व सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

दीपेश तिवारी
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