
योग: व्याघात नामक नैसर्गिक अशुभ योग अंतरात्रि अगले दिन सूर्योदय पूर्व प्रात: 6.35 तक, तदुपरान्त हर्षण नामक शुभ योग है। व्याघात नामक योग की प्रथम नौ घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: आज सायं 4.18 से दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग है। करण: गर नामकरण रात्रि 7.58 तक, इसके बाद वणिजादिक करण रहेंगे।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज प्रसूतिस्नान, नामकरण, अन्नप्राशन, हलप्रवहण व विपणि व्यापारारम्भ आदि के उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में शुभ मुहूर्त हैं। राहुकाल: दोपहर बाद 1.30 से अपराह्न 3.00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (ज,जी,खि,खू,खे) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि मकर है तथा ताम्रपाद से जन्म हुआ है। सामान्यत: ये जातक अल्पधनी, अल्प पराक्रमी, गाने-बजाने के शौकीन, अंतरमन से अशांत, कुसंगतिप्रिय, व्यसनप्रिय, कामलोलुप, पर चतुर, होशियार और मान-सम्मान पाने वाले होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 31 वर्ष की आयु तक होता है। क्रूर ग्रह की महादशा में मंगल, गुरु व बुध के अंतर में शत्रुकष्ट व किसी प्रकार धन हानि का भय रहता है। मकर राशि वाले जातकों को आज किसी भी प्रकार से भूमि-भवन, जायदाद से धनलाभ होगा।