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Hariyali Teej 2019 : आज शिव और शनि के साथ माता गौरी को करें प्रसन्न, डबल नहीं… ट्रिपल बरसेगी कृपा

Hariyali Teej 2019 : सावन महीने में भगवान शिव की विशेष कृपा पाने के लिए सोमवार को पूजा की जाती है जबकि शनिवार को शिव और शनि की कृपा पाने के लिए विशेष पूजा अर्चना की जाती है।

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Hariyali Teej 2019

आज शिव और शनि के साथ माता गौरी को करें प्रसन्न, डबल नहीं... ट्रिपल बरसेगी कृपा

आज सावन ( Sawan 2019 ) महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। साथ ही सावन महीने का तीसरा शनिवार भी है। सबसे खास बात ये है कि आज हरियाली तीज ( Hariyali teej 2019 ) भी है। आज दे दिन शिव जी और शनिदेव के साथ-साथ माता गौरी की भी पूजा की जाएगी।

जैसा कि बम सभी जानते हैं कि सावन महीने में शनिवार और सोमवार का अपना अलग ही महत्व है। सावन महीने में भगवान शिव ( Lord Shiva ) की विशेष कृपा पाने के लिए सोमवार को पूजा की जाती है जबकि शनिवार को शिव और शनि की कृपा पाने के लिए विशेष पूजा अर्चना की जाती है।

शनिवार को मिलेगी संयुक्त कृपा

आज सावन महीना का तीसरा शनिवार है। आज के दिन भोलेनाथ और शनिदेव ( shani dev ) की संयुक्त कृपा मिलती है। सबसे खास बात ये है कि सावन के शनिवार पर ही हरियाली तीज ( Sawan hariyali teej ) है। यही कारण है कि आज शिव और शनि के अलावा माता गौरी की कृपा भी मिलेगी।

शनिदोष से मिलेगी मुक्ति

सावन महीने का हर शनिवार खास है। माना जाता है कि भोलेनाथ ने ही शनिदेव का सृजन किया था और उन्होंने ही शनिदेव को कर्मफलदाता बनाकर उनका मार्गदर्शन किया था। कहा जाता है कि शनिदेव के गुरु शिव जी है। यही कारण है कि शनिवार को शनिदेव के साथ-साथ शिव की आराधना करने से शनि संबंधित दोष दूर होते हैं।

शाम में करें जलाभिषेक

सावन के शनिवार को शाम में स्नान करने के बाद नीले और सफेद रंग के वस्त्र धारण करें। ध्यान रहे कि इस दिन काले रंग का प्रयोग ना करें। इसके बाद तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें थोड़े काले तिल डालें और शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। ऐसा करने से शिव और शनि की आप पर एक साथ कृपा रहेगी।

सूर्यास्त के बाद पीपल के पास जलाएं सरसों तेल का दीपक

सावन के शनिवार को सूर्यास्त के बाद पीपल के वृक्ष के पास सरसों तेल का दीपक जलाएं और परिक्रमा अवश्य करें। ऐसा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से शनिदेव की परम कृपा प्राप्त होती है।

सादा भोजन करें ग्रहण

सावन शनिवार को सादा भोजन ग्रहण करें। संभव हो तो एक पहर उपवास रखें। भोजन में अगर उरद की दाल की वस्तुएं हो तो उत्तम रहेगा। कहा जाता है कि आज के दिन सात्विक भोजन ही करना चाहिए।