हरतालिका तीज सोलह श्रृंगार के बिना अधूरा है क्योंकि इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके पूजा तो करती ही हैं, साथ ही माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री भी अर्पित करती हैं। दरअसल, हरतालिका तीज अखंड सौभाग्य का पर्व और अखंड सौभाग्य का प्रतीक है सोलह श्रृंगार।