
Satyanarayan Katha importance
Bhagwan Satyanarayan ki Katha : आज की भागमभाग जिंदगी में हर व्यक्ति कहीं न कहीं उलझा हुआ है, ऐसे में न तो उसे चैन की सांस लेने का समय मिलता है और न ही वह जीवन का सुख भोग पाता है। वहीं जहां तक शांति और सुकुन का सवाल है तो वह तो बहुत दूर की चीजे ही लगती हैं।
यूं तो हर कोई चाहता है कि उसके घर में भी सुख, शांति और समृद्धि (happiness, peace and prosperity) आए, लेकिन लगातार भविष्य की चिंता को लेकर बिना ठहरे दौड़ भाग कर रहे व्यक्ति के लिए ये संभव नहीं होता पाता। इसका कारण हर घर की अपनी अलग समस्याएं होती है।
जैसे यदि घर में शांति है तो धन जरूरत के अनुसार नहीं है और जहां धन है वहां परिवार का सुख नहीं है। माना जाता है कि घर में आने वाली ये समस्याएं नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों के कारण होती हैं। ऐसी स्थिति में घर में सकारात्मक ऊर्जा (positive energy) लाने के लिए कुछ खास उपाय करने ही होते हैं। इन्हीं उपायों में एक प्रमुख उपाय है घर में सत्यनारायण की कथा (satyanarayan katha) करना।
सत्यनारायण की कथा भी आप में से कई लोग समय-समय पर करते होंगे। लेकिन फिर भी उपर उठने में अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल भगवान सत्यनारायण की कथा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का विस्तार तो होता है और साथ ही सुख-संपत्ति दोनों (happiness and wealth) का आगमन होता हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सत्यनारायण कथा के दौरान आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना होता है, जो अकसर हम नहीं रख पाते, इसी कारण गवान सत्यनारायण की कथा के बावजूद हम पूर्ण फल प्राप्त नहीं कर पाते।
जानकारों के अनुसार अगर सत्यनारायण कथा के दौरान आप खास बातों का ध्यान नहीं रख पाते हैं, तो ये आपके लिए एक बड़ी भूल साबित होती है। जिसके चलते आप इस पौराणिक कथा के लाभों से वंचित रह सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि सत्यनारायण कथा (Satyanarayan Puja) करते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है।
सफाई का रखें
सत्यनारायण कथा के माध्यम से आप देवी-देवताओं को अपने घर में आमंत्रित करते हैं। ऐसे में घर में सफाई आवश्यक होती है। दरअसल अधिकांश लोग जहां पूजा की जानी है उस कमरे या स्थान की सफाई तो कर देते हैं, लेकिन घर के अन्य कमरों या कोनों को गंदा ही छोड़ देते हैं। घर में मौजूद ये गंदगी नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है, जिसके चलते देवी देवता आपके घर नहीं आते हैं, अत: ध्यान रखें कि इस कथा का आयोजन करने से पहले घर को अच्छे से साफ का लें।
मेहमानों के प्रति आदर का भाव रखें
सत्यनाराण कथा के दौरान आपके घर में रिश्तेदार, पड़ोसी सहित कई लोग आते हैं। ऐसे में उनके प्रति आदर का भाव रखते हुए उन्हें पूर्ण सम्मान दें, साथ ही समय-समय पर उनसे पानी, चाय और नाश्ते के लिए पूछते रहें।
इस दौरान घर में आए किसी भी मेहमान से अपशब्द न कहें। ध्यान रखें मेहमानों को भगवान का दर्जा दिया जाता रहा है, अत: हर स्थिति में अपने मेहमानों का सम्मान करें।
दिल में बिना किसी के प्रति बैर भाव रखे सच्चे मन से करें पूजा
घर में सत्यनारायण की कथा के दौरान आपका मन पूर्ण रूप से साफ होना चाहिए। इस दौरान आपके मन में कोई भी बुरी बात या हीन भावना नहीं आनी चाहिए। साथ ही मन में किसी के प्रति बैर भाव भी नहीं होना चाहिए। माना जाता है कियदि आप अगर आप सच्चे दिल से भगवान की पूजा करते हैं, तो वे आपकी मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं।
Published on:
27 Jan 2022 09:12 am
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