28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इन दैवीय शक्तियों की पूजा से हर ग्रह होता है प्रसन्न, होती है हर मनोकामना पूरी

ग्रहों के कारक देवी-देवताओं को करें प्रसन्न...

2 min read
Google source verification
how to get blessings of all the navagraha

how to get blessings of all the navagraha

व्यक्ति के जीवन में ग्रहों का एक खास प्रभाव होता है। इसके चलते ही एक ही समय जन्म लेने के बावजूद लोगों के स्वभाव से लेकर हर चीज में कई अंतर देखने को मिलते हैं। ज्योतिष के अनुसार जन्म से लेकर व्यक्ति की मृत्यु तक उस पर सभी ग्रहों का अलग-अलग प्रभाव रहता है।

वहीं ग्रह दोष होने की स्थिति में व्यक्ति को उसकी मेहनत का पूरा फल नहीं मिलता, जिसके चलते वह तमाम कोशिशों के बावजूद मनचाहा फल प्राप्त कर पाता। इस संबंध में ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि जब ग्रहों की अशुभ स्थिति चल रही होती है तो व्यक्ति चारों ओर से परेशानियों में फंसा रहता है।

ऐसे समय उसके आसपास ऐसा माहौल बन जाता है कि वे चाह कर भी उसमें से निकल नहीं पाता। इस स्थिति से व्यक्ति को बचाने के संबंध में जानकारों का कहना है कि ऐसे समय में व्यक्ति को नवग्रहों को प्रसन्न करने के स्थान पर उनके स्वामी देवी-देवताओं को प्रसन्न करना चाहिए, क्योंकि दैवीय शक्तियों की पूजा से ग्रहों की प्रसन्नता अपने आप प्राप्त होने लगती है और दुर्भाग्य से छुटकारा भी मिलता है।

किस ग्रह को कैसे करें प्रसन्न...
: सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए विष्णु भगवान का पूजन, हरिवंश पुराण की कथा की व्यवस्था करनी चाहिए।

: चंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए भोले शिव की उपासना करनी चाहिए।

: मंगल देव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए या दुर्गा जी की पूजा तथा दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए।

: बुध देव को प्रसन्न करने के लिए श्री गणेश की पूजा करनी चाहिए।

: बृहस्पति देव को प्रसन्न करने के लिए विष्णु भगवान या माता सरस्वती की पूजा करनी चाहिए। यदि संतान का प्रश्न हो तो हरि पूजन करें।

: शुक्र देव को प्रसन्न करने के लिए लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए।

: शनि देव को प्रसन्न करने के लिए भैरव जी की या माता काली की पूजा करनी चाहिए।

: राहू देव को प्रसन्न करने के लिए भैरव की पूजा करनी चाहिए।

: केतु देव को प्रसन्न करने के लिए श्री गणेश की पूजा-अराधना करनी चाहिए।