
अलवर जिले में सोमवार को शीतला अष्टमी का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शीतला माता के मंदिर पहुंचीं और भजन-कीर्तन व गीत गाते हुए सामूहिक पूजा-अर्चना की।
अलावड़ा क्षेत्र में पर्व की परंपरा के अनुसार महिलाओं ने माता शीतला को एक दिन पहले तैयार किए गए बासी भोजन यानी ठंडे खाने का भोग लगाया। पूजा के बाद उसी प्रसाद को ग्रहण कर परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहा और महिलाओं ने परिवार की खुशहाली के लिए माता से प्रार्थना की।
धार्मिक मान्यता के अनुसार शीतला अष्टमी का पर्व विशेष रूप से उत्तम स्वास्थ्य, आरोग्य और त्वचा संबंधी रोगों से मुक्ति की कामना के लिए मनाया जाता है। इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और एक दिन पहले तैयार किए गए भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर माता शीतला का आशीर्वाद प्राप्त किया। पर्व के चलते मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही और वातावरण भक्तिमय बना रहा।
Published on:
09 Mar 2026 01:32 pm
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