जोधपुर. देशभर से जैन संत-साध्वियां पैदल विहार कर चातुर्मास के लिए जोधपुर पहुंच रही हैं। इनमें राष्ट्रसंत आचार्य चन्द्रानन सागर सूरीश्वर नाकोड़ा धाम में अपने चातुर्मास के लिए जोधपुर पहुंच गए हैं। जोधपुर प्रवास पर आचार्य चन्द्रानन सागर श्रद्धालुओं को आशीर्वचन से लाभान्वित कर रहे है। संतों का बैंड-बाजों के साथ रातानाडा अजीत कॉलोनी स्थित मंदिर में समाज के लोगों ने स्वागत किया।
आचार्य चन्द्रानन सागर सूरीश्वर, जिन्हें मानव सेवा के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने दिल्ली से मुबई जाकर राष्ट्रसंत की उपाधि से नवाजा था। आचार्य को 13 फरवरी 2012 को मुबई राजभवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रसंत की उपाधि से नवाजा गया था।
10 वर्ष की उम्र में ली दीक्षा
आचार्य चन्द्रानन सागर ने 10 वर्ष की उम्र में 31 मई 1970 को ज्येष्ठ कृष्णा एकादशी रविवार के दिन फालना में जैन दीक्षा ली थी। उन्होंने अपना पहला चातुर्मास तखतगढ़ व 13 वर्ष की उम्र में दूसरा चातुर्मास जोधपुर में किया था। उस समय बाल संत के रूप में आचार्य ने अजीत कॉलोनी स्थित केसरिया कुंथुनाथ जैन मंदिर की प्रतिष्ठा समारोह में अपने दादा गुरु के साथ भाग लिया था। अब, 51 वर्ष बाद आचार्य जोधपुर आए है। आचार्य 19 जुलाई को नाकोड़ा धाम में मंगल प्रवेश करेंगे।