1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Janmashtami 2022: कल 18 अगस्त को मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी, नोट करें पूजा का खास मुहूर्त, पूजन सामग्री और विधि

Krishna Janmashtami 2022: कृष्ण भक्तों के लिए जन्माष्टमी का पर्व बेहद खास होता है। हर साल भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। इस साल 18 अगस्त 2022 को जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

less than 1 minute read
Google source verification
krishna janmashtami 2022, janmashtami pooja timings 2022, janmashtami 2022 date, janmashtami 2022 puja vidhi, janmashtami puja samagri, janmashtami shubh muhurat 2022,

Janmashtami 2022: कल 18 अगस्त को मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी, नोट करें पूजा का खास मुहूर्त, पूजन सामग्री और विधि

हिन्दू धर्म में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का पर्व भव्य तरीके से मनाया जाता है। इस साल 18 अगस्त 2022 को जन्माष्टमी का पावन त्योहार मनाया जाएगा। ज्योतिष अनुसार इसी दिन ध्रुव और वृद्धि दो खास योगों का निर्माण हो रहा है। तो आइए जानते हैं भगवान कृष्ण की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री और संपूर्ण विधि...

जन्माष्टमी 2022 तिथि
पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रारंभ गुरुवार, 18 अगस्त को रात्रि 09:20 बजे होगा और इसकी समाप्ति शुक्रवार, 19 अगस्त को रात्रि 10:59 बजे होगी।

जन्माष्टमी 2022 शुभ मुहूर्त
वहीं ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 18 अगस्त को रात्रि 12:03 बजे से लेकर 12:47 बजे तक रहेगा।

पूजन सामग्री: लड्डू गोपाल की मूर्ति, एक सिंहासन, पीले वस्त्र, मोरमुकुट, बांसुरी, छोटी गाय की मूर्ति, पीला चंदन, अक्षत, गंगाजल, पंचामृत, गाय का दूध, दही, शहद, एक खीरा, गाय का घी, दीपक, बाती, धूपबत्ती, तुलसी दल, माखन, मिश्री तथा अन्य भोग सामग्री।

जन्माष्टमी पूजा विधि
रात्रि 12 बजे शुभ मुहूर्त में लड्डू गोपाल को पंचामृत से स्नान करवाकर उन्हें नए पीले रंग के नए वस्त्र पहनाएं और उनका कुंडल, मुकुट, वैजयंती माला आदि से शृंगार करें। इसके बाद कान्हा जी को सिंहासन पर बिठाकर चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, फल आदि पूजन सामग्री अर्पित करें। इसके पश्चात कृष्ण भगवान की धूप, दीप से आरती करें। फिर माखन, मिश्री, तुलसी दल समेत सभी भोग सामग्री चढ़ाएं। मान्यता है कि जन्माष्टमी के दिन कान्हा जी को झूला झुलाने से वे प्रसन्न होते हैं। तत्पश्चात कान्हा जी के समक्ष हाथ जोड़कर मन में प्रार्थना करें। इसके बाद भोग बांटकर और स्वयं ग्रहण करके व्रत का पारण करें।

यह भी पढ़ें: Janmashtami 2022: कान्हा जी को करना है प्रसन्न तो जन्माष्टमी की पूजा में जरूर शामिल करें उनकी ये प्रिय चीजें