Krishna Janmashtami 2021 Bal Gopal Aarti and Mantra : बाल गोपाल की आरती के साथ ही श्री कृष्ण के मंत्रों से करें वासुदेव को प्रसन्न

Shri Krishna Janmashtami aarti, puja Mantras and Slokas: भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व

By: दीपेश तिवारी

Updated: 30 Aug 2021, 08:03 AM IST

Banke Bihari Bal Gopal Krishna Ji Ki Aarti :भगवान श्री हरि विष्णु हिंदुओं के प्रमुख देवों में से एक हैं, वे त्रिदेवों और आदि पंच देवों में भी एक हैं। भगवान श्रीकृष्ण इन्हीं के आंठवें अवतार माने जाते हैं।

ऐसे में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व सभी हिंदुओं के लिए महत्वपूर्ण और शुभ त्यौहारों में से एक माना जाता है। क्योंकि धर्मग्रंथों के अनुसार इसी दिन श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। वहीं कृष्ण जन्माष्टमी को कृष्णष्टमी, गोकुलाष्टमी, अष्टमी रोहिणी, श्रीकृष्ण जयंती और श्री जयंती जैसे अनेक नामों से भी जाना जाता है।

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दरअसल हिंदू कैलेंडर में हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी Shri Krishna Janmashtami पर्व पड़ता है। ऐसे में जहां भक्त इस दिन का उपवास रखते हुए भगवान कृष्ण का आशीर्वाद लेने के लिए उनकी पूजा करते हैं।

वहीं, भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन Janmashtami को मनाने के लिए भक्त अपने घर के मंदिर को भी सजाते हैं, साथ ही इस दिन कृष्ण मंदिरों में भी खास सजावट होती है।

ऐसे में इस साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि Krishna Ashtami 29 अगस्त की रात्रि से 30 अगस्त की रात्रि तक रहेगी, वहीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का योग अप्रैल 30, सोमवार को बनेगा, इसके चलते अप्रैल 30 को ही जन्माष्टमी Janmashtami पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक ग्रहों की गणना के अनुसार, यह भगवान कृष्ण Shri Krishna Janmashtami का 5248वां जन्मदिन होगा।

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श्रीकृष्ण के जन्म यानि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी Shri Krishna Janmashtami के अवसर पर देश भर के अनेक मंदिरों को सजाया जाता है, साथ ही यहां झांकियां भी लगाई जाती हैं। जबकि भक्त अपने घरों में बाल गोपाल (श्रीकृष्ण का बचपन का रूप) के लिए झूला बनाते हैं और जन्मोत्सव Janmashtami के समय बाल गोपाल को झुलाते भी हैं। इस दिन व्रत के साथ ही रात में श्रीकृष्ण की विशेष पूजा भी की जाती है।

इस दिन बाल गोपाल की सेवा ठीक उसी प्रकार की जाती है, जैसे छोटे बच्चे करते हैं। मान्यता है कि बाल गोपाल की पूजा घर में करने पर घर की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। साथ ही बाल गोपाल के प्रसन्न होने से व्यक्ति का मन बहुत प्रसन्न रहता है।

दरअसल श्रीकृष्ण के बाल रूप को ही बालगोपाल कहा जाता है, इन्हीं में से उनका एक रूप लड्डू गोपाल का भी है। जिसमें उनके एक हाथ में लड्डू रहता है। इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण को कई नामों जैसे- श्याम, मोहन, लड्डू गोपाल, बंसीधर, कान्हा आदि नाम से भी जाना जाता है।

पंडित एके शुक्ला के अनुसार ये भी माना जाता है कि यदि इस दिन पूजन के दौरान श्रीकृष्ण के मंत्रों के उच्चारण से भक्त को आर्थिक पीड़ा से मुक्ति मिलती है। साथ ही उसे हर दुख से छुटकारा भी मिलता है। वहीं, यदि पूजन के दौरान बाल गोपाल की आरती किए जाने से इस पूजा का फल दोगुना हो जाता है। तो आइये जानते हैं बालकृष्ण की आरती

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दीपेश तिवारी
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