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Magh Mela Prayagraj 2023: आज चूक गए गंगा स्नान तो अब ये हैं प्रयागराज में प्रमुख स्नान पर्व, जान लें तारीख

प्रयागराज में संगम की रेती पर हर साल माघ महीने तक लगने वाला Magh Mela Prayagraj, पौष पूर्णिमा 2023 (Paush Purnima 2023) पर गंगा स्नान से आध्यात्मिक यात्रा में आगे बढ़ने लगा है (कुछ लोग कल्पवास क्षेत्र में महाशिवरात्रि तक भी रूकते हैं) । हालांकि ऐसे व्यक्ति जो किसी कारण से पौष पूर्णिमा पर स्नान नहीं कर पाए, वे माघ और फाल्गुन महीने में (magh mela snan date 2023) आने वाली तिथियों पर गंगा स्नान, पूजा पाठ से पुण्य अर्जित कर सकते हैं।

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Pravin Pandey

Jan 06, 2023

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प्रयागराज माघ मेले में पूर्णिमा पर गंगा स्नान

Magh Mela Prayagraj: वैसे तो हर साल प्रयागराज में संगम तट पर पौष एकादशी से ही कल्पवासी आ जाते हैं और संगम में बसे तंबुओं के शहर में झोपड़ियों में निवास कर ईश्वर की साधना में जुट जाते हैं। लेकिन Magh Mela Prayagraj 2023 के आध्यात्मिक मेले में पहला बड़ा स्नान पौष पूर्णिमा ही मानी जाती है। आइये जानते हैं कि कल्पवास और माघ मेले में स्नान की प्रमुख तिथियां और अन्य बातें।

गंगा स्नान की प्रमुख कथाः एक कथा के अनुसार गौतम ऋषि के श्राप से मुक्ति के लिए इंद्र देव ने प्रयागराज संगम में माघ महीने तक गंगा स्नान किया था (magh mela snan date 2023) । इसलिए हर साल यहां माघ मेला लगता है। एक अन्य कथा के अनुसार सागर मंथन के दौरान निकले अमृत कलश की कुछ बूंदे प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में गिर गईं थी। इसलिए इन जगहों पर स्नान का विशेष महत्व है।

पौष पूर्णिमा के बाद गंगा स्नान के प्रमुख पर्वः Magh Mela Prayagraj 2023 में वैसे तो हर रोज कल्पवासी गंगा स्नान कर आध्यात्मिक लाभ उठाते हैं पर विशेष पर्वों पर इन स्नान का महत्व बढ़ जाता है। इसलिए इन विशेष पर्वों पर ऐसे लोग भी स्नान करने आते हैं जो कल्पवास नहीं कर रहे हैं। गंगा स्नान के प्रमुख पर्व ये हैं।

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मकर संक्रांति 2023(दूसरा): माघ मेला का पहला प्रमुख स्नान पौष पूर्णिमा 2023 का स्नान शुक्रवार को बीत गया। अब दूसरा प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति है, जो माघ महीने में 15 जनवरी को है (magh mela snan date 2023) । ऐसे लोग जो पौष पूर्णिमा स्नान से चूक गए हैं, उनके लिए इस दिन स्नान कर पुण्य अर्जित करने का मौका है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और भगवान सूर्य की पूजा से घर में खुशहाली आती है।


मौनी अमावस्या 21 जनवरी 2023 (तीसरा): मान्यता है कि माघ महीने की अमावस्या और पूर्णिमा पर गंगा स्नान से पितृ दोष की मुक्ति होती है। मौनी अमावस्या पर किया गया दान, गंगा स्नान कष्ट दूर करने वाला होता है। मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहते हैं। ये तिथि (mauni amavasya 2023) 21 जनवरी को पड़ रही है। यह सुबह 6.17 से शुरू होगी और अगले दिन 22 जनवरी सुबह 2.22 पर संपन्न होगी।

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वसंत पंचमी 26 जनवरी 2023(चौथा स्नान): माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी पड़ती है। यह 26 जनवरी को है। मान्यता है कि इस दिन (vasant panchami 2023) गंगा स्नान से मोक्ष मिलता है। वसंत पंचमी तिथि 25 जनवरी को दोपहर 12.34 बजे से शुरू होकर 26 जनवरी सुबह 10.28 बजे संपन्न होगी। उदयातिथि में वसंत पंचमी 26 जनवरी को मनाई जाएगी। इस दिन चौथा विशेष स्नान पर्व होगा।


माघ पूर्णिमा 5 फरवरी 2023 ( पांचवा स्नान): प्रयागराज माघ मेले में पांचवा विशेष स्नान पर्व माघ पूर्णिमा है। ये तिथि पांच फरवरी को पड़ रही है। यह तिथि 4 फरवरी को रात 9. 29 बजे से शुरू होकर पांच फरवरी को रात 11.58 बजे संपन्न होगी। मान्यता है कि इस दिन स्नान से सूर्य और चंद्र दोष से छुटकारा मिलता है।


महाशिवरात्रि 18 फरवरी 2023(छठा स्नान): मान्यता है कि महाशिवरात्रि (maha shivratri 2023) पर गंगा स्नान से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि 18 फरवरी को पड़ रही है। यह तिथि रात 8.02 बजे शुरू होगी और 19 फरवरी को शाम 4.18 बजे संपन्न होगी।

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माघ महीने में गंगा स्नान का महत्वः प्रयागराज में संगम यानी गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थल पर हर साल पौष एकादशी से माघ महीने तक मेला लगता है। कुछ लोग अगले महीने महाशिवरात्रि तक यहां रूकते हैं। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार माघ महीने में यहां स्नान से पुण्य फल मिलता है। हर कष्ट का निवारण होता है। यहां तीन स्नान से दस हजार अश्वमेध यज्ञ के फल के बराबर पुण्य मिलता है।