7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Shardiya Navratri 2022: नवरात्रि में नौ देवियों के इन 9 मंत्रों से करें शक्ति की उपासना, हर इच्छा पूरी होने की है मान्यता

ज्योतिष शास्त्र में मंत्र जाप को बहुत प्रभावशाली और फलदायी माना गया है। वहीं शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 26 सितंबर 2022 से होने जा रहा है। ऐसे में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा में 9 दिनों तक इन मंत्रों का जाप करना शुभ माना गया है...

less than 1 minute read
Google source verification
navratri 9 mantra, maa shailputri mantra, maa brahmacharini mantra, maa chandraghanta mantra, maa kushmanda mantra, skandmata mantra, नवरात्रि 2022, शारदीय नवरात्रि 2022, नौ देवियों के मंत्र, katyayani mantra, maa kalratri mantra, mahagauri mantra in hindi, maa siddhidatri mantra,

Shardiya Navratri 2022: नवरात्रि में नौ देवियों के इन 9 मंत्रों से करें शक्ति की उपासना, हर इच्छा पूरी होने की है मान्यता

Navratri 2022 Mantra: इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 26 सितंबर से होगी और 4 अक्टूबर 2022 को नवमी तिथि के दिन इसका समापन होगा। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की कृपा प्राप्ति के लिए बेहद खास माने जाते हैं। मान्यता है कि जो कोई सच्चे मन से नौ दिनों तक नौ देवियों की उपासना करता है उसके जीवन के सभी दुख, कष्ट और भय का नाश होता है। साथ ही मां भगवती के आशीर्वाद से सुख, वैभव, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। वहीं ज्योतिष शास्त्र में नौ देवियों के कुछ खास मंत्र बताए गए हैं जिनका जाप करना बहुत फलदायी होता है। तो आइए जानते हैं नवरात्रि में नौ देवियों के 9 मंत्रों के बारे में...

नवरात्रि का पहला दिन
ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥

नवरात्रि का दूसरा दिन
ॐ देवी ब्रह्मचारिणी नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

नवरात्रि का तीसरा दिन
ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

नवरात्रि का चौथा दिन
ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

नवरात्रि का पांचवा दिन
ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

नवरात्रि का छठा दिन
ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

नवरात्रि का सातवां दिन
ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

नवरात्रि का आठवां दिन
ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

नवरात्रि का नौवां दिन
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

यह भी पढ़ें - Chanakya Niti: इन घरों में सदा रहता है मां लक्ष्मी का वास