धर्म

Papmochani Ekadashi Upay: पापमोचनी एकादशी पर जरूर अपनाएं ये उपाय, जगा देंगे सोया भाग्य

एकादशी तिथि भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा से श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है। इसमें भी चैत्र कृष्ण एकादशी बेहद खास है, जिसे पापमोचनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। पापमोचनी एकादशी व्रत से मनुष्य के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है। माता लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है, इस दिन पापमोचनी एकादशी उपाय (remedies of ekadashi ) से भगवान विष्णु आसानी से प्रसन्न होते हैं, जिससे भक्त का सोया भाग्य जाग जाता है तो आइये जानते हैं भाग्य को जगाने वाले पापमोचनी एकादशी उपाय(Papmochani Ekadashi Upay)।

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Mar 17, 2023
papmochani ekadashi

Papmochani Ekadashi Upay: धार्मिक ग्रंथों में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा के लिए कई उपाय बताए गए हैं। इनमें से पोपमोचनी एकादशी के उपायों को अपनाएं तो हर संकट दूर हो जाएगा और घर में सुख समृद्धि आएगी।

नौकरी और प्रमोशन के लिएः कोई व्यक्ति नौकरी तलाश रहा है या उसके प्रमोशन में अड़ंगा लग रहा है तो उस व्यक्ति को कच्चा नारियल और आठ बादाम भगवान विष्णु के मंदिर में चढ़ाकर अपनी मनोकामना व्यक्त करनी चाहिए। इस दिन भक्त को भगवान विष्णु की विधिवत पूजा कर तुलसी की माला की मदद से ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।

व्यापार में लाभ के लिएः व्यापार में लाभ के लिए भक्त को पापमोचनी एकादशी के दिन 11 गोमती चक्र और तीन एकाक्षी नारियल लेकर भगवान विष्णु को मंदिर में चढ़ाना चाहिए। विधिवत पूजा के बाद गोमती चक्र पीले कपड़े में बांधकर ऑफिस में रख देना चाहिए।


सुख समृद्धि के लिएः मान्यता है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु वास करते हैं, इसलिए एकादशी के दिन एक लोटे जल में शक्कर मिलाकर पेड़ की जड़ में अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि इससे सुख समृद्धि आती है।
धन लाभ के लिएः धनलाभ के लिए एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा रात में भगवान के समक्ष नौ बत्ती वाला दीपक जलाएं। ध्यान रहे दीपक न बुझे, इससे विष्णुप्रिया माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जातक को धनलाभ होता है।

18 मार्च को है पापमोचनी एकादशीः पंचांग के अनुसार पापमोचनी एकादशी 18 मार्च को है। पापमोचनी एकादशी यानी चैत्र कृष्ण एकादशी तिथि की शुरुआत 17 मार्च को दोपहर 2.06 पीएम से हो रही है और यह तिथि 18 मार्च 11.13 एएम पर संपन्न हो रही है। लेकिन उदया तिथि में यह व्रत 18 मार्च को रखा जाएगा। इस दिन भगवान के चतुर्भुज रूप की पूजा करनी चाहिए।


पापमोचनी एकादशी पारणः पापमोचनी एकादशी व्रत के पारण का समय द्वादशी के दिन 19 मार्च सुबह 6.27 बजे से सुबह 8.51 बजे के बीच होगा।

Updated on:
17 Mar 2023 09:48 pm
Published on:
17 Mar 2023 09:47 pm
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