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उर्दू में भी लिखी गई थी श्रीराम कथा

उर्दू में लिखी यह रामकथा न सिर्फ देश में सदियों से विद्यमान सांप्रदायिक सौहार्द को रेखांकित कर रही है।

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Chandu Nirmalkar

Mar 28, 2015

कोरबा.
कोरबा में स्थित बिलासपुर संभाग के एकमात्र पुरातत्व संग्रहालय में रखी अनोखी रामकथा इन दिनों चर्चा का विषय बनीं हुई है। उर्दू में लिखी यह रामकथा न सिर्फ देश में सदियों से विद्यमान सांप्रदायिक सौहार्द को रेखांकित कर रही है।


बल्कि, ये पुरातत्विक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। 492 पन्नों में लिखी इस रामकथा का पुरातत्व विभाग ने हिन्दी में अनुवाद करवाया है। उर्दू के साहित्कार मोहम्मद यूनुस ने इस 'रामकथा' का हिन्दी में अनुवाद किया है।

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