
रंग पंचमी का पर्व चैत्र मास की कृष्ण पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस बार 14 मार्च ( शनिवार ) को पड़ रही है। माना जाता है कि होली का जश्न कई दिनों तक चलता है। जिसकी शुरुआत चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से हो जाती है और समापन पंचमी तिथि को होता है। इसे रंगपंचमी के नाम से जाना जाता है।
मान्यता है कि रंगपंचमी के दिन जो रंग एक दूसरे को लगाए जाते हैं और हवा में उड़ाये जाते हैं, उसे देखकर देवता आकर्षित होते हैं और आशीर्वाद देते हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार, यह पर्व देवताओं को समर्पित होता है।
पौराणिक कथाओं अनुसार, रंग पंचमी का त्यौहार तामसिक और राजसिक गुणों पर पवित्रता की जीत और विजय का प्रतीक है। रंग पंचमी त्यौहार पांच प्रमुख तत्वों को सक्रिय करने में मदद करता है। इन पांच प्रमुख तत्वों में हवा, आकाश, पृथ्वी, जल और प्रकाश शामिल हैं। पुराणों के अनुसार, मनुष्य का शरीर भी इन्हीं पंच तत्वों से मिलकर बना हुआ है।
Published on:
13 Mar 2020 03:23 pm
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