
shani dev
माना जाता है कि शनिवार के दिन शनिदेव के इस मंत्र 'कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम: सौरि: शनैश्र्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:' का जप करने मात्र से ही व्यक्ति के सारे दोष दूर हो जाते हैं। दरअसल, इस मंत्र में शनिदेव के 10 नाम हैं।
भागवत के अनुसार पीपल भगवान कृष्ण का ही रूप है। शनिवार के दिन पीपल की जड़ में केसर चंदन, चावल, फूल मिलाकर जल अर्पित करना चाहिए और तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की विधि-विधान से पूजा करने से शानि दोषों से मुक्ति मिल जाती है।
अगर आप शनिदेव का प्रकोप कम करना चाहते हैं, साथ ही शत्रुओं पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं तो शुक्रवार को सवा किलो काले चने को अलग-अलग तीन बर्तनों में भिगोकर रख दें और शनिवार को स्नान-ध्यान करने के बाद शनिदेव की पूजन करें। इसके बाद चने को सरसों के तेल में छौंक कर इसका भोग शनिदेव को लगाकर अपनी समस्या बताएं।
इसके बाद पहला सवा किलो चना किसी भी भैंस को खिला दें, दूसरा सवा किलो चना कुष्ट रोगियों को वितरण कर दें और तीसरा सवा किलो चना मछलियों को खिला दें। मान्यता है कि ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होने लगता है।
Published on:
14 Dec 2019 11:11 am
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