सोमवार को शिव पूजा : ऐसे करें उपासना और ये चढ़ाएं फूल, जानें कुछ खास बातें

आराधना विधि-विधान और शास्त्र सम्मत तरीके...

By: दीपेश तिवारी

Published: 07 Mar 2021, 03:39 PM IST

महाशिवरात्रि को जहां भगवान शिव का प्रमुख त्यौहार के रूप में जाना जाता है, वहीं सावन को साल में भगवान शिव का पसंदीदा मास माना जाता है। ये दोनों ही समय भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए अत्यंत विशेष माने गए हैं। ऐसे में इन पर्वों पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के उपाय अपनाए जाते हैं।

जिनमें से मुख्य रूप से शिव की अराधना को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि शिवजी की आराधना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, लेकिन कोई भी देव आराधना अथवा मंत्र, स्तोत्र और स्तुतियां का फल तभी प्राप्त होता है, जब आराधना विधि-विधान और शास्त्र सम्मत तरीकों से की जाए। ऐसे में इस बार हम आपको भगवान शिव की पूजा से जुड़ी कुछ खास बातें बता रहे हैं।

शास्त्रों के अनुसार सोमवार शिव उपासना के लिए सबसे उत्तम हैं, लेकिन इस दौरान कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए -

1. शिवजी की आराधना सुबह के समय पूर्व दिशा की ओर मुंह करके करना चाहिए।

2. संध्या समय शिव साधना करते वक्त पश्चिम दिशा की ओर मुंह रखें।

3. अगर शिव उपासक रात्रि में शिव आराधना करता है तो उसके लिए उत्तर दिशा की ओर मुंह रखें।

4. शिव उपासना के विशेष दिन सोमवार को बहुत ही शुभ फल मिलता है।

5. सुबह स्नान के बाद भगवान शंकर के साथ माता पार्वती और नंदी को गंगाजल या पवित्र जल चढ़ाएं।

6 धतूरे के फूल शिव को अर्पित करने से संतान प्राप्ति होती है।

7. एक लाख दूब अर्पण करने से लंबी आयु होती है।

8. बिल्व पत्र से इच्छित वस्तु की प्राप्ति होती है।

9. जपाकुसुम से शत्रु का नाश होता है।

10. बेला से सुयोग्य जीवनसाथी मिलता है।

11. हरसिंगार से यश, सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

12. दुपहरिया के फूल से स्वर्ण आभूषणों की प्राप्ति होती है।

13. लाल गुलाब से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

14. चंपा और केवड़ा के पुष्प शिव पूजन में निषेध है।

Show More
दीपेश तिवारी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned