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ऐसे लोगों से भूलकर भी दोस्ती नहीं करनी चाहिए, जानें क्यों

जब दो दिल एक-दूसरे के प्रति सच्ची आत्मीयता से भरे होते हैं, तब उस संबंध को मित्रता या दोस्ती कहते हैं।

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मित्रता या दोस्ती दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच पारस्परिक लगाव का संबंध है। जब दो दिल एक-दूसरे के प्रति सच्ची आत्मीयता से भरे होते हैं, तब उस संबंध को मित्रता या दोस्ती कहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किन लोगों से दोस्ती नहीं करनी चाहिए।


महात्मा विदुर ने लाइफ मैनेजमेंट के कई सूत्र बताएं हैं। दोस्ती के बारे में भी महात्मा विदुर ने बताया है। महात्मा विदुर की नीति के अनुसार जानिए किन लोगों से कभी भी दोस्ती नहीं करनी चाहिए...


अभिमानी: महात्मा विदुर के अनुसार, जिन लोगों को अपने धन, पद या रूप का घमंड हो और वे जाने-अनजाने में दूसरों का मजाक उड़ाते हैं, वैसे लोगों से कभी भी दोस्ती नहीं करनी चाहिए।


मुर्ख: महात्मा विदुर के अनुसार, वैसे लोगों से कभी भी दोस्ती नहीं करनी चाहिए जिन्हें अच्छे-बुरे, धर्म-अधर्म आदि का ज्ञान न हो। महात्मा विदुर कहते हैं ऐसे लोगों से दोस्ती करने से आपको भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए ऐसे लोगों से दोस्ती ना ही करें तो आपके लिए बेहतर होगा।


क्रोधी: महात्मा विदुर के अनुसार, जो व्यक्ति बात-बात पर गुस्सा हो जाता हो, वैसे लोगों से कभी भी दोस्ती नहीं करनी चाहिए क्योंकि इनके बहुत दुश्मन होते हैं। अगर ऐसे लोगों से आप दोस्ती करते हैं तो आप भी कभी भी किसी मुसीबत में फंस सकते हैं।


साहसिक: महात्मा विदुर के अनुसार, कुछ लोग साहस में आकर कुछ ऐसा कर बैठते हैं, जिसके कारण बाद में उन्हें पछताना पड़ता है। इसलिए ऐसे साहसी लोगों से दूर ही रहना चाहिए और इनसे कभी भी दोस्ती नहीं करनी चाहिए।


धर्महीन पुरुष: महात्मा विदुर के अनुसार, ऐसे लोग जो धर्म पर विश्वास नहीं करते और वे सिर्फ अधर्म की ही बातें करते हैं, तो वैसे लोगों के साथ दोस्ती नहीं करनी चाहिए। महात्मा विदुर कहते हैं कि ऐसे लोगों के साथ रहकर आप भी उनके अवगुण अपना सकते हैं। ऐसे में इन लोगों से दूर ही रहना चाहिए।