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सोते समय भूलकर भी न करें इस दिशा में सिर, नहीं तो…

सभी दिशाओं में सोने और ना सोने के बहुत से कारण होते हैं।

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जैसा कि हम सभी जानते हैं कि मुख्यत: दिशाएं चार ही होती हैं लेकिन सभी दिशाओं में सिर करके नहीं सोना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर व्यक्ति को दक्षिण या पूर्व दिशा में सिर करके सोना चाहिए। अर्थात पैरों को उत्तर या पश्चिम दिशा में ही रखना चाहिए।

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वास्तु के अनुसार, सोते समय हमारा सिर और पैर किस दिशा में है। यह बातें हमारे जीवन में बहुत अधिक प्रभाव डालती है। सभी दिशाओं में सोने और ना सोने के बहुत से कारण होते हैं। ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी है कि व्यक्ति को किस दिशा में सोना फायदेमंद हो सकता है।

दक्षिण: वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोना अच्छा माना गया है। माना जाता है कि दक्षिण दिशा में सिर और उत्तर दिशा में पैर करके सोने से सेहत बेहतर होता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है।

उत्तर: वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए। माना जाता है कि दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर लगातार चुंबकीय धारा प्रवाहित होती रहती है। इस दिशा की ओर सिर करके सोने से चुम्बकीय धारा पैरों से प्रवेश करके सिर तक पहुंचती है, जिसकी वजह से मानसिक तनाव बढ़ जाता है और सुबह जागने पर मन भारी रहता है।

पूर्व: वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूर्व दिशा में सिर और पश्चिम दिशा में पैर करके सोना स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा होता है। इस दिशा में सिर करके सोने से सुबह की पहली किरण सिर पर आती है, जिससे नई ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि पूर्व-पश्चिम दिशा में सोते समय अपना सिर पूर्व दिशा में और पैर पश्चिम दिशा में रखना चाहिए।