
वट सावित्री व्रत के दिन कुछ गलतियों से बचना चाहिए
वट सावित्री पूजा मुहूर्त
ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि यानी वट सावित्री व्रत का आरंभ 18 मई सुबह 9 बजकर 43 मिनट से हो रहा है और यह तिथि अगले दिन 19 मई को रात 9 बजकर 22 मिनट तक खत्म हो जाएगी। लेकिन उदयातिथि में सुहागिनें पति की लंबी उम्र के लिए 19 मई को वरत रखकर पूजा करेंगी। इस व्रत का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर दिनभर रहेगा।
ऐसे करें वट सावित्री व्रत के दिन पूजा (Vat Savitri Vrat Puja Vidhi)
1. प्रयागराज के आचार्य प्रदीप पाण्डेय के अनुसार वट सावित्री व्रत के दिन बरगद के पेड़ के पास बैठकर पंच देवताओं और विष्णु भगवान का आह्वान करना चाहिए।
2. भगवान विष्णु के आह्वान के बाद तीन कुश और तिल लेकर ब्रह्माजी और देवी सावित्री का आह्वान करें। ऊं नमो ब्रह्मणा सह सावित्री इहागच्छ इह तिष्ठ सुप्रतिष्ठिता भव मंत्र का जप करें।
3. मंत्र जाप के बाद जल अक्षत, सिंदूर, तिल, फूल, माला और पान अर्पित करें। इसके बाद एक फल लेकर बरगद के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें। इसके बाद कच्चा सूत लेकर 7 या 21 बार बरगद के पेड़ की परिक्रमा करते हुए कच्चे सूत से बांधें।
4. सत्यवान सावित्री की कथा सुनें, पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करें।
5. पूजा में त्रुटि के लिए क्षमा मांगें और सास-ससुर और बड़ों का आशीर्वाद लें।
आज शुक्रवार 19 मई को वट सावित्री व्रत के दिन भूलकर भी ये न करें
1. प्रयागराज के आचार्य प्रदीप पाण्डेय के अनुसार वट सावित्री व्रत के दिन पति के साथ वाद विवाद न करें।
2. वट सावित्री व्रत के दिन गलत कार्य या छल आदि न करें। क्योंकि व्रत मन, वचन, और कर्म की शुद्धता के लिए रखा जाता है। बुरा विचार से व्रत का फल निष्फल हो जाता है।
3. वट सावित्री व्रत के दिन महिलाओं को काले, नीले या सफेद रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए, ये शुभ नहीं माना जाता। इस रंग की बिंदी और चूड़ी से भी दूर रहें।
4. वट सावित्री व्रत के दिन महिलाओं को तामसिक भोजन करने से दूरी बनाना चाहिए। इस दिन बाल कटवाने से भी परहेज करना चाहिए।
5. इस दिन पूजा के समय भूलकर भी किसी को पैर न लगे, वर्ना व्रत का फल निष्फल हो जाता है।
वट सावित्री व्रत के दिन कौन सा काम जरूर करें
1. वट सावित्री व्रत के दिन पति की दीर्घ आयु और संतान प्राप्ति के लिए बरगद के पेड़ की पूजा जरूर करें और कच्चा सूत 7 बार बरगद के पेड़ को लपेटें, साथ ही व्रत का पारण भीगे चने से करें।
2. अखंड सौभाग्य यानी पति की दीर्घायु के लिए वट सावित्री व्रत के दिन व्रती महिलाओं को सोलह श्रृंगार करना चाहिए।
3. वट सावित्री व्रत के दिन महिलाओं को पूजा में लाल, पीले और हरे रंग के कपड़ों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि यही रंग पूजा और शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।
Updated on:
18 May 2023 08:28 pm
Published on:
18 May 2023 08:27 pm
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