
योग: विष्कुंभ नामक नैसर्गिक अशुभ योग सायं 5.01 तक, तदन्तर प्रीति नामक नैसर्गिक शुभ योग है। करण: वणिज नामकरण पूर्वाह्न 11.05 तक, इसके बाद रात्रि 9.32 तक भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण है। तदन्तर बवादि करण प्रारम्भ हो जाएंगे। भद्रा में शुभ कार्य वर्जित हैं।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी प्रकार के शुभ व मांगलिक कार्यादि के शुभ व शुद्ध मुहूर्त नहीं है। राहुकाल: दोपहर बाद 1.30 से अपराह्न 3.00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (डी,डू,डे,डो,म) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। रात्रि 3.45 तक जन्मे जातकों की जन्म राशि कर्क व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि सिंह है। इनके जन्म का पाया रजत है। सामान्यत: ये जातक कुछ प्रमादी, नेक कामों की नकल वाले, साधु-संतों से प्रेम रखने, क्रोधी, लम्पट तथा वासनासक्त होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 30 वर्ष की आयु के पश्चात् ही होता है। कर्क राशि वाले जातक आज अपना कार्य सावधानी से करे। कहीं किसी कार्य क्षेत्र में, व्यावसायिक कार्यों में अवरोध उत्पन्न हो सकते हैं।