
मंदिर में क्यों लगाई जाती हैं घंटियां?
अक्सर हम मंदिरों में देखते हैं प्रवेश द्वार पर घंटी लगी होती है। जब भी हम मंदिर जाते हैं तो पहले हमलोग घंटी जरूर बजाते हैं लेकिन क्या आप/हम ये जानते हैं कि घंटी क्यों बजाते हैं? मंदिर के प्रवेश द्वार पर घंटी क्यों लगाई जाती है? शायद इसका जवाब ना में भी हो। तो आइये जनाते हैं कि आखिर मंदिर के प्रवेश द्वार पर घंटी क्यों लगाई जाती है और प्रवेश के समय क्यों बजाई जाती है।
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दरअसल, मंदिर में घंटी बजाने को लेकर पुजारियों का मानना है कि इसके बजाने से देवताओं के समक्ष हाजिरी लगती है। इसके अलावे मंदिर में रखी मूर्तियों में चेतना जागृत होती है, जिसक कारण पूजा फलदायक बनती है। साथ ही घंटी बजने से नकारात्मक शक्तियां पास नहीं आती हैं, जिस कारण समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
इन सबके अलावे मंदिर में घंटी बजाने से मनुष्य को कई जन्मों के पास नष्ट हो जाते हैं। पूजा-पाठ करते वक्त घंटी बजने से वहां मौजूद लोगों को शांति दैविय उपस्थिति की अनुभूति होती है।
वहीं वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो घंटी बजने से वातावरण में कंपन पैदा होता है, जिससे उस वक्त क्षेत्र में मौजूद जीवाणु, विषाणु और अन्य तरह के जीव नष्ट हो जाते हैं। साथ ही कई लोगों का कहना है कि मंदिर में घंटी लगने से वातावरण शुद्ध हो जाता है।
Updated on:
04 Jun 2019 10:30 am
Published on:
03 Jun 2019 03:33 pm
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