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भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना से जुड़े हरियाली तीज का आखिर क्यों है इतना महत्त्व?

- सौंदर्य और प्रेम का यह उत्स भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना से जुड़ा है।

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Deepesh Tiwari

Aug 19, 2023

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हरियाली तीज श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करती हैं। अपने सुहाग की रक्षा की कामना करती हैं। वहीं कुंवारी लड़कियां सुयोग्य वर पाने के लिए ये व्रत रखती हैं। ऐसे में इस बार ये पर्व शनिवार 19 अगस्त को है। दरअसल सावन की तीज को -हरियाली तीज- और भादों की तीज को -हरितालिका तीज- कहा जाता है।

हरियाली तीज पर महिलाएं सोलह शृंगार करती हैं। इस तीज पर हरे रंग का महत्त्व होने से महिलाएं इस दिन हरी साड़ी और कांच की हरी चूड़ियां पहने नजर आती हैं। इस दिन झूला झूलने की भी परंपरा है। मां गौरा और भगवान शिव जैसा साथ और प्रेम पाने की कामना लिए महिलाएं इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखती हैं।

माना जाता है कि यह व्रत करने से सुख-सौभाग्य बढ़ता है। वही पंडित जगदीश शर्मा के अनुसार इस बार शनिवार 19 अगस्त 2023 को हरियाली तीज तीन विशेष योग सिद्धि योग, बुधादित्य योग और त्रिग्रही योग में मनाई जाएगी।

यह है पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यता है कि हरियाली तीज का व्रत पर्वत राज हिमालय की पुत्री पार्वती ने रखा था। इस व्रत के प्रभाव से ही उन्हें शिवजी पति के रूप में मिले थे। पौराणिक कथा के अनुसार, माता सती का जन्म पर्वत राज हिमालय के घर पार्वती के रूप में हुआ था। पार्वती जी भगवान शिव को मन ही मन अपने पति के रूप स्वीकार कर चुकी थीं। माता पार्वती की कठोर तपस्या से शिवजी ने उन्हें दर्शन दिए और साथ ही इच्छा पूर्ण होने का आशीर्वाद भी दिया। इसके बाद माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह संपन्न हुआ।

इस दिन ये करें
हरियाली तीज के दिन घर को सजाएं। केले के पत्तों का उपयोग करें। हरियाली तीज पर माता पार्वती और भगवान शिव का पूजन विधिवत करें। माता पार्वती का 16 शृंगार करें। कई प्रकार के व्यंजन बनाकर भगवती और भोलेनाथ का भोग लगाएं। नवविवाहित जोड़े को हरियाली तीज के बारे में बताएं। इस दिन गरीबों को दान करें और किसी सुहागन को शृंगार की सामग्री दान करें। ध्यान रखें व्रत के दौरान दिन में सोना नहीं चाहिए। व्रत के दौरान सोना शुभ नहीं माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज का व्रत करते समय क्रोध और गुस्से को काबू में रखें। माना जाता है इस दिन जो भी महिला पूरे मन से शिवजी और माता पार्वती का पूजन करती है, उसकी मनोकामना माता पार्वती और शिवजी जरूर पूरी करते हैं।