
तो इस वजह से महिलाएं सावन में पहनती हैं हरी चूड़ियां
सावन महीना ( sawan month ) शुरू हो चुका हैं। इस पूरे महीने में भक्त भगवान शिव ( Lord Shiva ) को प्रसन्न करने के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। इस पावन महीने में धरती पर भी हरियाली नजर आती है। ऐसे में मन में एक सवाल उठता है कि सावन के पावन महीना में महिलाएं भोलेबाबा की पूजा करने के लिए हरे रंग के पकड़े और चूड़ियां क्यों पहनती हैं? आखिर क्या है इसका धार्मिक महत्व...
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हरा रंग बुध ग्रह का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि हरा रंग पहनने से कुंडली में बुधग्रह मजबूत होता है, साथ ही संतान सुख की प्राप्ति होती है। मान्यता तो ये भी है कि हरा रंग पहनने से बुद्धि और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
करियर के लिए शुभ
बुध ग्रह का असर हर व्यक्ति के करियर और व्यवसाय पर सीधा पड़ता है। माना जाता है कि इस रंग को धारण करने से मनुष्य अपने कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है।
खुशहाल जीवन के लिए
शादीशुदा महिलाएं जीवन में खुशहाली लाने के लिए सावन महीने में हरे रंग के कपड़ें और चूड़ियों का इस्तेमाल करती हैं। जबकि लाल रंग खुशी और सौभाग्य का प्रतीका माना जाता है।
महादेव प्रसन्न होते हैं
कहा जाता है कि महादेव को प्रकृति की सुंदरता के बीच ध्यान लगाकर बैठना बहुत पसंद है। यही कारण है कि सावन महीने में महिलाएं हरा रंग पहनकर भोलेनाथ की पूजा करती हैं ताकि भगवान शिव उन्से जल्द प्रसन्न हो जाएं।
Published on:
25 Jul 2019 12:43 pm
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