
14 reduction in total crime in Rewa division
रीवा. संभाग में हर माह डेढ़ हजार से ज्यादा अपराध दर्ज हो रहे हैं। इसमें मर्डर, चोरी और लूट के मामले सबसे ज्यादा हैं। हालांकि पुलिस के आंकड़ों में चार माह में टोटल क्राइम में कमी आई है, लेकिन नाबालिग लड़कियों के अपहरण की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
रीवा संभाग के चार जिलों में 2018 के चार महीनों में 5845 मामले दर्ज हुए है, वहीं 2017 में चार माह में 6718 मामले दर्ज हुए थे। इस साल अपराधों में 14.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि नाबालिग लड़कियों के अपहरण की घटनाओं में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। गत वर्ष 183 मामले दर्ज हुए थे लेकिन इस साल चार माह में 246 मामले संभाग में दर्ज हुए हैं। इन घटनाओं ने अधिकारियों को भी चिंता में डाल दिया है।
शिकायत शिविरों का मिला लाभ
पुलिस को इस साल शिकायत शिविरों का काफी लाभ मिला है। लोगों की शिकायतों का निराकरण करने के लिए पुलिस विभाग ने कई शिविर लगाए और लोगों की छोटी-छोटी शिकायतों का तत्काल निराकरण करवाया। आपसी रजामंदी से विवादों का हल किया। रीवा जिले में सबसे अधिक शिकायतें पेडिंग थी। विवादों का समाधान होने पर उससे जुड़ी दूसरी घटनाएं भी रुक गई हैं। अभी तक पुलिस तीन बड़े शिविरों का आयोजन कर चुकी है।
स्कूल में टेली फिल्म दिखाकर छात्राओं को करेंगे जागरूक
नाबालिग लड़कियों के अपहरण की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस विभाग कवायद में जुट गया है। विभाग अपहरण की घटनाओं को लेकर टेली फिल्म तैयार करवा रहा है जिसे आगामी सत्र में स्कूलों में प्रदर्शित करवाया जाएगा। इस फिल्म के माध्यम से उनको शादी का झांसा देकर अपहरण करने वालों के संबंध में जागरूक किया जाएगा। कई बार नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर आरोपी उनके साथ ज्यादती जैसा घिनौना कृत्य करते है।
नशे में ड्राइवर ने गाड़ी चलाई तो ट्रांसपोर्टर पर भी कार्रवाई
आए दिन होने वाले सडक़ हादसों को रोकने के लिए पुलिस अब ट्रांसपोर्ट और वाहन मालिकों पर भी शिकंजा कसेगी। ट्रक, बस सहित अन्य वाहनों को चलाने वाले ड्राइवर यदि नशे में मिले या फिर कोई और लापरवाही उनकी मिली तो चालक के साथ ट्रांसपोर्ट व वाहन मालिकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह ट्रांसपोर्टर सुनिश्चित करें कि वाहन चलाते समय ड्राइवर नशे में न हो और वह पूरी तरह दक्ष हो।
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सडक़ हादसों को रोकने प्रयास किए जा रहे है। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए छात्राओं को टेलीफिल्म के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। संपत्ति संबंधी अपराधियों की भी धरपकड़ की जाएगी, ताकि चोरी व लूट जैसे मामलों में अधिक से अधिक रिकवरी की जा सके। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में निर्देशित किया गया है।
-उमेश जोगा, आईजी रीवा
Published on:
08 May 2018 12:53 pm
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