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‘ भेजना ही चाहते हो इस धरा में तो गांधी जैसा एक इंसान भेज दीजिए ‘

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर जीडीसी में हुआ कवि सम्मेलन

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रीवा

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Vedmani Dwivedi

Feb 25, 2020

150th birth anniversary of Mahatma Gandhi

150th birth anniversary of Mahatma Gandhi

रीवा. महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में शासकीय कन्या महाविद्यालय में सोमवार को कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। अंग्रेजी व हिन्दी विभाग की ओर से यह आयोजन हुआ। कवियों बेहतर प्रस्तुति से महात्मा गांधी का श्रद्धांजलि दी। कवि उमेश लखन ने कहा, दावपेच खेलने में वीर बेमिसाल था। इंकलाबी आग में स्वयं देखो कूद गया। कितना होनहार मां भारती का लाल था। कवि अमित शुक्ला ने कुछ लोगों पर कटाक्ष किया।

कहा गाली देकर गांधी को ज्ञानी हैं बने, उन्हे तो गांधी के विचारों व चरित्र का पता नहीं। युवा ओजकवि कामता माखन ने कहा देश को बुलंदियों में लेके यार जा सके जो, प्रभु आप ऐसा एक विमान भेज दीजिए। कोई एक विद्वान भेज दीजिए। भेजना ही चाहते हो आप इस धरा में तो गांधी जी जैसा एक इंसान भेज दीजिए

छात्राओं ने प्रस्तुत की स्वरचित कविता
कार्यक्रम में कॉलेज के छात्राओं ने भी रोचक प्रस्तुति दी। ज्योत्सना तिवारी ने स्वरचित कविता का पाठ किया। अन्य छात्राओं ने महात्मा गांधी के आदर्शों की प्रासंगिकता का उल्लेख अपनी कविताओं में किया। उनमें वंदना वाधवानी, वर्षा मिश्रा, प्राची सेन, निशा सेन, आरजू त्रिपाठी, संजना श्रीवास्तव ने प्रस्तुति दी।

बेटी सुरक्षा का दिया संदेश
कार्यक्रम में नारी सशक्तिकरण को लेकर भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कहा, बेटियों की सुरक्षा न सिर्फ परिवार के लिए अपितु सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। कवि उमेश लखन ले स्वराज्य व स्वतंत्रता के महत्व को गांधी के संदर्भ में उल्लेखित किया। अपनी ओजमयी शैली में कविता को समस्त जनों के हृदय में उतारा।

कहा, 'सत्य डगर कंटक भरी, चलता जो इंसान। जग में अपने कर्म से, बनता वही महान कार्यक्रम में प्रिंसिपल डॉ. नीता सिंह ने छात्राओं का उत्साह वर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग की एमए चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा शिरीश खान ने किया। कार्यक्रम में अंग्रेजी की विभागाध्यक्ष डा.अनीता कौंशल, डा.इंद्रमणि दुबे, डा.अमरजीत सिंह सहित समस्त छात्राएं व प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।