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जीएसटी के बाद ई वे बिल का बड़ा झटका

वाहन से घर सामान लाने पर भी लगेगा ई-वे बिल, एक किलोमीटर परिवहन पर भी होगा अनिवार्य
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रीवा

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Lok Mani Shukla

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Updated: 16 Dec 2017, 12:21 PM IST

A big blow to e-bill after GST

A big blow to e-bill after GST

रीवा। जीएसटी में पचास हजार से अधिक का माल दुकान से घर लाने पर व्यापारी द्वारा ग्राहक को ई-वे बिल देना जरूरी होगा। यह जानकारी राज्य कर विभाग द्वारा ई-वे विल को लेकर आयोजित कार्यशाला में उपायुक्त संगीता गुप्ता ने दी। 20 दिसंबर से संभावित ई-वे बिल लागू होने को लेकर विभाग व्यापारियों को ई-वे बिल जनरेटर करने प्रशिक्षण दे रहा है।

10 किलोमीटर के अंदर नहीं देना होगा वाहन नम्बर
व्यापारियों ने पूछा कि दस किमी. तक माल परिवहन के लिए भी क्या ई-वे बिल की आवश्यकता होगी। इस पर उपायुक्त ने बताया कि पचास हजार से अधिक का माल यदि वाहन में गोदाम भी जाता है तो इसके लिए ई-वे बिल जरूरी है लेकिन दस किमी तक व्यापारियों को वाहन का नम्बर ई-वे बिल में डालने की छूट मिलेगी।

दो पार्ट में जारी होगा ई वे बिल
अन्य राज्यों में माल भेजने में अधिक समय लगने पर दो पार्ट में ई-वे बिल जारी होगे। बिना ई-वे बिल के पचास हजार से अधिक के माल का परिवहन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी। यह ई-वे बिल जारी होने के बाद माल निश्चित समय अवधि के लिए जारी होगा।
पोर्टल में कर सकेंगे पंजीयन
ऐसे व्यापारी जो जीएसटी में पंजीकृत नहीं है और वह पचास हजार रुपए से अधिक का माल परिवहन करते हैं वह पोर्टल में जाकर अपना पंजीयन कर ई-वे बिल जनरेट कर सकते हैं।

ट्रांसपोर्ट को लेकर चल रहा विचार
ट्रांसपोर्टर ने कहा कि कई व्यापारियों के पचास हजार से कम और कई व्यापारियों के पचास हजार के माल एक साथ भेजने पर क्या स्थित होगी। इस पर उपायुक्त ने बताया कि इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा गया है। समस्याओं को दूर करने संशोधन भी किए जाएंगे।

पांच राज्यों का है पायलट प्रोजेक्ट
केन्द्र सरकार जीएसटी में पांच राज्यों में ई वे बिल पायलट प्रोजेक्ट के रुप में लागू कर रही है। इसमें मध्य प्रदेश भी शामिल है। 20 दिसंबर के बाद सरकार इसे कभी भी लागू कर सकती है। इसके बाद सिर्फ 157 प्रकार के मामलों में ई वे बिल लागू करने की छूट दी है। इसमें रसोई गैस, सरकारी उचित मूल्य दुकान, लकड़ी का कोयला सहित खुले अनाज व खाद्य सामग्री शामिल है।