
रीवा। कमलनाथ सरकार की जिस योजना को लेकर विपक्ष में रहते भाजपा सवाल उठा रही थी, अब उसी योजना के जरिए आत्म निर्भर भारत अभियान को गति देने की तैयारी है। पंचायतों में गौशाला निर्माण को पूर्व की कांग्रेस सरकार ने अपनी प्राथमिकता में बताया था। इसे और अब और सशक्त तरीके से लागू करने की नई सरकार तैयारी कर रही है। पूर्व में रीवा जिले में 30 गौशालाओं का निर्माण प्रारंभ किया गया था, जिसमें 21 का निर्माण पूरा हो चुका है।
अब 200 गौशालाओं का नया निर्माण प्रारंभ किया जा रहा है। इसके लिए जनपदवार लक्ष्य भी कलेक्टर की ओर से दिया गया है। बताया जा रहा है कि पूरे प्रदेश में अब गौशालाओं के निर्माण में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है। इन गौशालाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में दूध के उत्पादन पर वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस तरह की गौशालाएं आवश्यक हो गई हैं। गौशालाओं के माध्यम से गोबर के उत्पाद को बाजार में बेंचकर रोजगार उपलब्ध कराने का भी टारगेट रखा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग रोजगार से जुड़ सकेंगे।
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पूर्व में बनी गौशालाओं का कोई जिम्मेदार नहीं
जिला गौसंवर्धन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश पांडेय ने कहा रीवा जिले में किसान आवारा गौवंश के कारण खेती से वंचित हो रहा है। गौसंवर्धन बोर्ड से पूर्व में 6 गौशाला पंजीकृत है, जिसमें लक्ष्मण बाग, केन्द्रीय जेल, बसामन मामा में दो, बघैला हनुमना, ढखरा त्योंथर में संचालित है। मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना से &0 गौशाला कमलनाथ सरकार ने मंजूर किया। जिसमें 21 का निर्माण हो चुका है। लेकिन अभी तक इन गौशाला का माईबाप कोई नही है। उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं की ओर से भी गौशाला के लिए एक,एक, लाख रुपए ग्राम पंचायतों को दिया गया है। पाण्डेय ने कहा कि विधिवत तरीके से गौशालाओं का संचालन किया जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके।
- ऐसा है जनपदों को टारगेट
जनपद- -- गौशाला का लक्ष्य
रीवा--- 15
रायपुर कर्चुलियान- 18
्र्गंगेव-- 22
मऊगंज-- 22
हनुमना-- 30
नईगढ़ी-- 18
त्योंथर-- 30
जवा-- 22
सिरमौर --23
Updated on:
23 Jun 2020 11:25 am
Published on:
22 Jun 2020 10:02 pm
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