
accident in Ultratech Cement Plant
रीवा. फैक्ट्री में इंजीनियर की मौत के मामले में पुलिए एवं जिला प्रशासन पूरी तरह से संवेदनहीन बना रहा। इंजीनियर का शव 23 घंटे तक मशीन के बेल्ट में फंसा उसी स्थिति में लटकता रहा। प्रशासन ने शव को नीचे उतारने का प्रयास नहीं किया। प्रशासन फैक्ट्री प्रबंधन और परिजनों और क्षेत्रीय लोगों के बीच बातचीत में व्यस्त रहा। घटना के बाद शुरू हुआ बवाल शुक्रवार की दोपहर समाप्त हुआ। फैक्ट्री प्रबंधन और क्षेत्रीय लोगों के बीच मुआवजा व पेंशन की बात पर सहमति पर बनी जिसके बाद शव को नीचे उतरवाया गया।
40 लाख मुआवजा और पत्नी को हर माह 20 हजार रुपए पेंशन
चोरहटा थाना अन्तर्गत ग्राम बैजनाथ में स्थित अल्ट्राटेक सीमेंटप्लांट में काम के दौरान शुक्रवार को इंजीनियर शैलेन्द्र द्विवेदी निवासी सगौनी की बेल्ट में फंसने की वजह से मौत हो गई थी। उनका शव जमीन से करीब 20 फिट ऊपर मशीन में लटक रहा था। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में बवाल मच गया और क्षेत्रीय लोगों ने हंगामा कर दिया। स्थानीय लोग पीडि़त परिवार को मुआवजा व अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रहे थे। शुक्रवार की सुबह सेमरिया विधायक केपी त्रिपाठी व रामपुर बघेलान विधायक विक्रम सिंह फैक्ट्री पहुंचे जिनकी उपस्थिति में फैक्ट्री प्रबंधन और परिजनों के बीच सुबह बातचीत शुरू हुई। स्थानीय लोग 50 लाख मुआवजा और नौकरी की मांग कर रहे थे। इस दौरान विधायक की पहल पर फैक्ट्री प्रबंधन ने पीडि़त परिवार को 40 लाख रुपए व अनुकंपा नियुक्ति की जगह पत्नी को हर माह 20 हजार रुपए बतौर पेंशन देने को राजी हो गया। इसके अतिरिक्त इंजीनियर के अन्य स्वत्व का भुगतान भी किया जायेगा। दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद दोपहर करीब 12 बजे बवाल समाप्त हुआ।
क्रेन से उतारा गया शव
करीब 11 बजे मशीन के ऊपर फंसे इंजीनियर के शव को निकालने का प्रयास शुरू हुआ। मशीन में लगे पाइपों को काटकर उसमें फंसे शव को बाहर निकाला और फिर क्रेन में स्ट्रेचर बांधकर ऊपर से शव को नीचे लाया गया। करीब घंटे भर तक रेसक्यू आपरेशन चला। करीब 12 बजे शव पोस्टमार्टम के लिए रवाना हुआ।
माता-पिता और पत्नी हुए बहोश
इस दुखद घटना की खबर जैसे ही इंजीनियर की माता-पिता एवं पत्नी को लगी वे बदहवाश फैक्ट्री की तरफ भागे। घटना स्थल पर पहुंचे मृतक के पिता केसरी प्रसाद द्विवदी और पत्नी वंदना का रो-रोकर बुराहाल था। बार-बार बेहोश हो जा रहे थे। बताया गया कि मृतक की दो छोटी बेटियां तीन वर्ष की अर्पिता और ५ वर्ष की आपेक्षा है। बताया गया है कि घर में शैलेन्द्र ही कमाने वाला था। अब उनके सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
फैक्ट्री प्रबंधन पर लगे गंभीर आरोप
इस घटना के बाद फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगे है। यूनियन का कहना था कि इंजीनियर से नाईट ड्यूटी ली गई थी और उसे सुबह पुन: ड्यूटी पर लगा दिया गया था। इतना ही नहीं दोपहर लंच के समय इंजीनियर को मशीन पर काम करने के लिए भेज दिया गया जिससे प्रथम दृष्ट्या फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। फैक्ट्री के काफी संख्या में कर्मचारियों ने भी प्रबंधन पर शोषण करने का आरोप लगाया है।
Updated on:
21 Jun 2019 10:25 pm
Published on:
21 Jun 2019 10:01 pm
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