
MP News: मध्यप्रदेश के इंदौर-भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसी बीच डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने रीवा में एक और बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि विंध्य के 5 जिलों को जोड़कर मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित किया जाएगा।
दरअसल, रीवा दौरे पर आए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि भोपाल की तर्ज पर रीवा के आसपास के शहरों और क्षेत्र को शामिल करते हुए मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की योजना है। आने वाले दिनों में रीवा-सतना के आसपास के क्षेत्र को मिलाकर एक अलग मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाया जाएगा।
आगे शुक्ला ने बताया कि विंध्य एक्सप्रेस-वे पर काम शुरु किया गया है। भोपाल से काम शुरु सिंगरौली तक फोरलेन हाइवे का निर्माण चल रहा है। यह केवल सड़क मार्ग नहीं बल्कि विकास का बड़ा आधार भी होगा।
रीवा में पेयजल के लिए 20 साल में 200 करोड़ से अधिक खर्च के जवाब में उप मुख्यमंत्री शुक्ला ने कहा कि रीवा शहर में पेयजल की समस्या नहीं है। जब वर्ष 2003 में पहली बार विधायक बने थे तब 18 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है। इसे बढ़ाकर 58 एमएलडी किया गया, आने वाले दिनों में 95 एमएलडी का पानी शहर को मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन 20 वर्षों की अवधि में 200 करोड़ रुपए से अधिक की राशि पानी के लिए खर्च हुई है।
राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि मनरेगा को नए स्वरूप में लाया गया है। अब यह विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी रामजी) के नाम से गांवों का समग्री विकास करेगी। केंद्र सरकार ने इसका बजट भी बढ़ाया है और 125 दिन के रोजगार की गारंटी भी दी गई है। साथ ही योजना को पारदर्शी बनाते हुए कई नए प्रावधान किए गए हैं। जिससे गांवों में अधोसंरचना का विकास होगा और भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है जबकि यह पहले से बेहतर स्वरूप में बनाई गई है।
Published on:
09 Jan 2026 12:41 pm
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