
Alert Issue with Nipah Virus
रीवा।निपाह वायरस एक संक्रामक बीमारी है। केरल में कोहराम मचाने के बाद निपाह वायरस को लेकर स्वास्थ्य संचालनालय से शनिवार को अलर्ट जारी कर दिया गया। रीवा सहित प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में इलाज के लिए प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि केस सामने आने पर इससे निपटा जा सके।
स्वास्थ्य संचालनालय के अधिकारियों ने बताया है कि यह बीमारी चमगादड़ से फैलती है। इस बीमारी से चमगादड़ की मृत्यु नहीं होती है बीमारी का संक्रमण चमगादड़ द्वारा कुतरे हुए फल को खा लेता है तो वायरस सुअरों में पहुंच जाता है। मनुष्य में यह बीमारी इनके संपर्क में आने से फैलती है। यह कुतरे हुए फल खाने से भी फैल सकती है। इसके अलावा कच्ची ताड़ी पीने से भी फैलती है। यह बीमारी 21 दिन के अंदर मनुष्य के लिए जानलेवा हो जाती है। इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं है। संचालनालय से जिला स्तरीय टॉस्कफोर्स का गठन कर बीमारी की रोकथाम और त्वरित उपचार की स्थानीय रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि लोग कटे हुए फल कतई न खाएं। गंदगी भरे स्थान पर न रहें। ***** और चमगादड़ जिन क्षेत्रों में हैं वहां तो कतई न रहें। नगर निगम बस्तियों के बीच ऐसे स्थानों को चिह्नित कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करंे।
ये होते हैं लक्षण
बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बेचैनी, सुस्ती, बेहोशी, उल्टी-दस्त आदि हैं। जो सामान्य लक्षण हैं। यह लक्षण दिखाई देने पर तत्काल डॉक्टरों को दिखाएं। ताकि इस बीमारी से बचा जा सके।
वायरोलॉजी में जांच की सुविधा
स्वास्थ्य संचालनालय की ओर से कहा गया है कि इस बीमारी की जांच की सुविधा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पूणे में है। बीमारी प्रकट होने के चार दिन के अंदर जांच के नमूने भेजे जाएंगे। इसमें ब्लड और यूरीन के नमूने होंगे।
Updated on:
27 May 2018 05:18 pm
Published on:
27 May 2018 05:18 pm
