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सफेद बाघों सहित वन्यजीवों को गोद लेकर उनके पालक बनने का मिलेगा अवसर

- 1151 रुपए जमा कर एक दिन के लिए बाघ का पालक बन सकेंगे- सरकार ने वन्यजीव अंगीकरण योजना के तहत मुकुंदपुर चिडिय़ाघर को भी किया शामिल

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रीवा

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Mrigendra Singh

Oct 10, 2020

rewa

animal adoption scheme mukundpur zoo, white tiger safari


रीवा। वन्यजीवों का पालक बनने का अवसर अब सरकार आम को भी देगी। इसके लिए वन्यजीव अंगीकरण योजना को मंजूरी दी गई है। महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव चिडिय़ाघर मुकुंदपुर की ओर से करीब साल भर पहले भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृत करते हुए योजना प्रारंभ करने की अनुमति दी गई है। इसके तहत अब चिडिय़ाघर और ह्वाइट टाइगर सफारी के किसी भी जानवर को गोद लिया जा सकेगा। जिसके लिए शासन द्वारा निर्धारित किए गए शुल्क का भुगतान भी करना होगा। योजना के तहत सफेद बाघ से लेकर अन्य सभी जानवरों को शामिल किया गया है। जानवरों को तीन ग्रुपों में बांटा गया है, जिसके लिए अलग-अलग शुल्क भी निर्धारित किया गया है। सेंट्रल जू अथारिटी आफ इंडिया के निर्देश पर यह व्यवस्था बनाई गई है। पूर्व में चिडिय़ाघर प्रबंधन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में कुछ तकनीकी कमियां बताई गई थी। जिनमें सुधार करने के बाद दोबारा प्रस्ताव भेजा गया और अब मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फाउंडेशन सोसायटी की ओर से भी अनुमति मिल गई है। वन्यजीव अंगीकरण योजना के तहत निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए जानवरों को गोद लिया जा सकेगा। गोद लेने के लिए कोई व्यक्ति, संस्था या कार्पोरेट सेक्टर हिस्सा ले सकता है। शर्त रखी गई है कि राशि पहले जमा करनी होगी, एक साथ में एक से अधिक संख्या में जानवरों को भी गोद लिया जा सकेगा। गोद लेने वाले को चिडिय़ाघर प्रबंधन की ओर से प्रमाण पत्र सौंपा जाएगा। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि जानवरों के प्रति लोगों का लगाव बढ़े और उनकी रक्षा के लिए वह जागरुक हो सकें। प्रबंधन ने जो शुल्क निर्धारित किया है, उससे संबंधित जानवर के भोजन, दवा एवं अन्य खर्च में उपयोग किया जाएगा। सेंट्रल जू अथारिटी आफ इंडिया की शर्तों का पालन गोद लेने वाले को भी करना पड़ेगा।

- एक साल तक गोद लेने का रहेगा प्रावधान
चिडिय़ाघर प्रबंधन ने गोद लेने की अवधि एक दिन से लेकर एक वर्ष तक की निर्धारित की है। इसके लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है। जिसमें एक दिन, एक महीने, तीन महीने, छह महीने एवं एक वर्ष तक अपनी पसंद और सक्षमता के अनुसार कोई गोद ले सकेगा। बताया जा रहा है कि जन्मदिन, शादी की सालगिरह, पुण्यतिथि सहित अन्य प्रमुख दिनों को यादगार बनाने के लिए जानवरों को गोद लिया जा सकेगा।

- बाड़े के सामने पालक का नाम होगा प्रदर्शित
जानवरों को गोद लेने वाले पालकों का नाम संबंधित जानवर के बाड़े के बाहर प्रदर्शित किया जाएगा। यदि एक वर्ष के लिए किसी ने गोद लिया है तो उसका नाम चिडिय़ाघर के मुख्य प्रवेश द्वार में भी प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि लोगों को पता चल सके कि यहां पर एक वर्ष के लिए जानवर को गोद लिया गया है। इतना ही नहीं प्रवेश शुल्क में भी संबंधित को छूट दी जाएगी।


- गोद लेने के लिए जमा करना होगा यह शुल्क
ग्रुप- ए-----------
ह्वाइट-यलो टाइगर, लायन - 4.11 लाख में एक वर्ष, 2.10 लाख रुपए में छह माह, 1.05 लाख में तीन माह, 35000 एक माह, 1151 एक दिन।
तेंदुआ- 1.65 लाख में एक वर्ष, 82000 छह माह, 41000 तीन माह, 1&000 एक माह, 501 एक दिन।
भालू- 1.10 लाख एक वर्ष, 51000 छह माह, 27000 तीन माह, 9100 एक माह, &01 एक दिन।
गौर- तीन लाख में एक वर्ष, 1.50 लाख छह माह, 75000 तीन माह, 25000 एक माह, 1001 एक दिन।
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ग्रुप बी--
थामिन डियर, सांभर, नीलगाय, बारहसिंघा- 90000 एक वर्ष, 45000 छह माह, 23000 तीन माह, 7100 एक माह, 251 एक दिन।
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गु्रप सी-------

ब्लैक बक, चीतल, चिंकारा, हागडियर- &6000 एक वर्ष, 18000 छह माह, 10000 तीन माह, &100 एक माह, 101 एक दिन।
बार्किंग डियर- 21000 एक वर्ष, 10000 छह माह, 5100 तीन माह, 2100 एक माह, 101 एक दिन।
बाइल्ड बोर- 54000 में एक वर्ष, 27000 में छह माह, 13000 में तीन माह, 5100 में एक माह और 101 में एक दिन।
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नोट- उक्त आंकड़े रुपए में हैं।