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ATM खाली, उपभोक्ता परेशान

-एक से दूसरे ATM की तलाश में दर-दर भटक रहे उपभोक्ता

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रीवा

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Ajay Chaturvedi

Dec 10, 2020

ATM empty consumer upset

ATM empty consumer upset

रीवा.शहर के ज्यादतर ATM खाली हैं। इससे आम उपभोक्ता परेशान हो चला है। ऐसा करीब एक सप्ताह से चल रहा है। लोग रुपये निकालने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं, पर जहां जाएं एटीएम खाली ही मिल रहा है। महीने के शुरूआती दिनों में ऐसा होने से लोग खासे परेशान हैं। नकदी न होने से दैनिक कार्य प्रभावित होने लगा है। लोगों को फिर से नोटबंदी की याद सताने लगी है।

जानकारी के अनुसार जिले के 140 एटीएम से उपभोक्ता नकदी निकाल पाते हैं। लेकिन एक सप्ताह से एटीएम में कैश न होने के कारण उपभोक्ता एटीएम बूथ से लेकर बैंक कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं पर मायूसी ही हाथ आ रही। कुछ लोगों को ये कहते सुना गया कि ये तो नोटबंदी से भी बदतर हालात हो गई हैं। अपना ही पैसा बैंक में है पर जरूरत पर निकाल नहीं पा रहे।

बताया जा रहा है कि जिले में प्रतिदिन तकरीबन 150 करोड़ रुपये की डिमांड रहती है। इसके सापेक्ष 20 फीसदी ही नोट इन दिनों उपलब्ध हैं। यही वजह है कि नोट की समस्या से लोगों को गुजरना पड़ रहा है। आलम यह है कि जैसे ही पता चलता है फलां एटीएम से नकदी निकल रही है, वहां लाइन लग जा रही है। लोग परिचितों, नाते रिश्तेदारों को फोन कर कैश निकलने की सूचना देते हैं और पैसे निकालने के लिए लोग घंटों लाइन में खड़े रहते हैं। लेकिन 70 प्रतिशत उपभोक्ता बिना कैश लिए लौट रहे हैं।

एटीएम में पैसे निकालने को लेकर सबसे ज्यादा भीड़ शहर के शिल्पी प्लाजा स्थित एसबीआई और निजी बैंकों के एटीएम में देखी जा रही है। कुछ इसी तरह के हालात सिरमौर चौराहे में लगे हुए एटीएम पर देखे गए। इतना ही नहीं अस्पताल परिसर में पीएनबी की और न्यायालय परिसर में ओरिएंटल बैंक की एटीएम संचालित है। दोनों ही स्थान महत्वपूर्ण होने के कारण लोगों को उम्मीद रहती है कि इन एटीएम में पैसे मिल जाएंगे और उपभोक्ता ऐसे एटीएमों में चक्कर लगाते देखे जा रहे हैं।

बैंक से जुड़े सूत्रों की माने तो आनलाइन पेमेंट और कैशलेश ट्रांजेक्शन के चलते नोट की समस्या बैंकों में बढ़ रही है। बैंक के अधिकारी बता रहे है कि पहले उपभोक्ता सीधे बैंक में कैश जमा करता था। रजिस्ट्री सहित लंबी रकम का लेन-देन करने वाले उपभोक्ताओं के माध्यम से बैंक कार्यालयों में नोट जमा होती थी और उक्त करेंसी का लेन-देन चालू रहता था। अब ऑन लाइन पेमेंट, कैशलेश ट्रांजेक्शन और चेक पेमेंट के चलते बैंकों में कैश नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसी स्थिति में बैंक भी कैश की समस्या का सामना कर रहे हैं।