
BJP leaders Janardhan, former minister Rajendra Shukla, Fir in rewa
रीवा। रीवा में सांसद, विधायक, महापौर सहित भाजपा के नव बड़े नेताओं के विरुद्ध पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है. इन पर आरोप है कि नगर निगम के निर्माणाधीन परिषद भवन का जबरदस्ती लोकार्पण किया था साथ ही निगम के आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों को आपत्तिजनक शब्दों के साथ धमकियां देने का भी आरोप है.
रीवा में गत 23 नवंबर को सांसद जनार्दन मिश्रा एवं पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक राजेंद्र शुक्ला के साथ बड़ी संख्या में भाजपा के नेता और कार्यकर्ता नगर निगम परिसर में ही निर्माणाधीन परिषद भवन का लोकार्पण करने पहुंचे थे जहां पर निगम के कर्मचारियों ने आपत्ति दर्ज कराई तो उन्हें धमकी दी गई और निर्माणाधीन भवन में लगे ताले को तोड़कर उसका लोकार्पण कर दिया.
इस मामले की शिकायत नगर निगम के कर्मचारियों की ओर से की गई थी जिस पर पुलिस जांच के नाम पर मामले को टरका ने के प्रयास में थी इस कारण निगम के कर्मचारियों ने शहर की सफाई व्यवस्था बंद करने सहित अन्य कामकाज ठप कर देने की चेतावनी दी थी जिसकी वजह से पुलिस ने रविवार की देर शाम भाजपा नेताओं पर एफ आई आर दर्ज कर लिया है।
- इन नेताओं पर मामला दर्ज
जिन नेताओं पर एफआईआर दर्ज किया गया है उनमें प्रमुख रूप से रीवा के सांसद जनार्दन मिश्रा, रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ला, सेमरिया विधायक केपी त्रिपाठी, नगर निगम की महापौर ममता गुप्ता, निगम के स्पीकर सतीश सोनी , भाजपा के जिला अध्यक्ष विद्याप्रकाश श्रीवास्तव, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष मनीषा पाठक जिला पंचायत उपाध्यक्ष विभा पटेल, पार्षद प्रकाश सोनी सहित अन्य भाजपा नेता एवं कार्यकर्ताओं के विरुद्ध भादवि की धारा 447 एवं 3 लोक संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
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शक्ति प्रदर्शन के फेर में उलझ गए भाजपा के नेता
नगर निगम आयुक्त एवं भाजपा पार्षदों के बीच टकराव की स्थिति बीते कई महीनों से बनी हुई है। इसी को लेकर सांसद जनार्दन मिश्रा, विधायक राजेंद्र शुक्ला सहित अन्य नेताओं द्वारा आयुक्त के विरुद्ध बयान बाजी की जाती रही है। लगातार नेताओं ने यह भी कहा था कि वह जनप्रतिनिधि हैं और अपनी शक्ति का एहसास कराएंगे। सांसद ने तो जिंदा दफनाने की भी चेतावनी दी थी। नगर निगम के परिषद भवन का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है फर्नीचर,बिजली एवं अन्य साज-सज्जा के कार्य होना बाकी है। भाजपा के नेताओं की इच्छा रही है कि इस भवन का भूमि पूजन मंत्री रहते राजेंद्र शुक्ला ने किया था तो लोकार्पण भी उन्हीं के हाथों से हो। इस बीच यह भी खबर आई थी कि नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह से उक्त भवन का लोकार्पण कांग्रेस के पार्षद कराना चाहते हैं । नगर निगम के स्पीकर सतीश सोनी एवं मेयर इन काउंसिल के सदस्यों की ओर से 23 नवंबर को लोकार्पण की तिथि निर्धारित करने के बाद कार्यकर्ताओं को आमंत्रण पत्र भी वितरित किया गया था। जिसमें निगमायुक्त या अन्य किसी अधिकारी का उल्लेख नहीं था।
स्पीकर ने आयुक्त को पत्र भी 22 नवंबर की सायं दिया था जिसका उसी दिन आयुक्त ने जवाब भी भेजा और कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद ही इसका लोकार्पण हो सकता है अभी यह भवन लोकार्पण के योग्य नहीं है। इस पत्र के बावजूद भाजपा के नेता अपनी जिद पर अड़े रहे और रैली के रूप में 23 नवंबर को निगम कार्यालय पहुंचे जहां पर पहले निगम कर्मचारियों ने आपत्ति दर्ज कराई तो स्पीकर ने आयुक्त से फोन पर बात की और कहा कि परिसर में स्थित मंदिर में सुंदरकांड का पाठ करने के लिए सभी नेता आए जिसके चलते निगम की ओर से भी कोई विरोध दर्ज नहीं कराया गया और काफी देर तक सुंदरकांड का पाठ हुआ इसी बीच निर्माणाधीन भवन में लगे ताले को कार्यकर्ताओं ने तोड़ दिया और सांसद विधायक एवं अन्य ने फीता काटकर उसका लोकार्पण कर दिया इस बीच राजेंद्र शुक्ला ने यह भी कहा कि सामान्य तौर पर तो व लोकार्पण करते रहे हैं लेकिन इस तरह के कार्यक्रमों में अधिक आनंद आता है उन्होंने यह भी कहा कि इसी तर्ज पर प्रधानमंत्री आवास के मकानों का भी आवंटन शहर के गरीबों को करेंगे।
- निगम के इन कर्मचारियों ने दर्ज कराई थी शिकायत
नगर निगम के कर्मचारियों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें करीब दर्जन भर भाजपा के बड़े नेताओं पर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसमें सांसद, विधायक , महापौर सहित कई अन्य बड़े नेताओं का नाम शामिल था। निगम के प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी भगीरथ गौर, समय पाल अरुण शुक्ला, सुखेन्द्र चतुर्वेदी, राजेश चतुर्वेदी, रावेन्द्र शुक्ला आदि ने थाने में आवेदन देकर एक कहा था कि नगर निगम के निर्माणाधीन परिषद भवन का ताला तोड़कर उसके भीतर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने घंटों अपना कब्जा जमाए रखा और भवन में बोर्ड-फ्लैक्स भी लगा दिए थे।
इसके साथ ही लाउड स्पीकर से भाषण देकर निगम के अधिकारियों पर अपमान जनक शब्दों का प्रयोग किया और कई तरह की धमकियां भी दी थी।जिसमें शहर के स्कीम नंबर छह और आवास योजना का हवाला देकर अधिकारियों को धमकाने का काम किया गया है। शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का भी आरोप लगाया था। घटना के समय कार्यालय में कार्यपालन यंत्री राजेश सिंह, एसके चतुर्वेदी, सहायक यंत्री एसके गर्ग, पीएन शुक्ला, बीएस बुंदेला, सुधाकर पाण्डेय, संतोष पाण्डेय, भगीरथ गौर, अभिषेक सिंह, केएन साकेत सहित अन्य को घटना का साक्षी बताया गया था।
- वीडियो और फोटो के आधार पर अन्य की होगी पहचान
नगर निगम कर्मचारियों की ओर से दिए गए शिकायती आवेदन के बाद एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने कहा है कि सांसद जनार्दन मिश्रा, रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ला, सेमरिया विधायक केपी त्रिपाठी, महापौर ममता गुप्ता, निगम स्पीकर सतीश सोनी, भाजपा जिला अध्यक्ष विद्याप्रकाश श्रीवास्तव, महिला मोर्चा की अध्यक्ष मनीषा पाठक, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विभा पटेल आदि के नामजद शिकायत थी। अन्य की पहचान वीडियो और फोटो के आधार पर की जा रही है, जल्द ही अन्य आरोपियों की पहचान की जाएगी।
- कर्मचारियों की चेतावनी के बाद पुलिस हुई सक्रिय
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने सामान्य राजनैतिक मामला समझ कर पहले इसे टालने का प्रयास किया। कई दिनों तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जिसके चलते नगर निगम के कर्मचारियों ने बीते शुक्रवार को बैठक कर चेतावनी दी थी कि यदि एफआईआर नहीं हुआ तो सोमवार को शहर में रैली निकालेंगे और पुलिस अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देने के बाद अपना कामकाज पूरी तरह से बंद कर देंगे। कर्मचारियों की चेतावनी के बाद पुलिस ने एफआइआर दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि प्रभारी मंत्री के सामने नारेबाजी भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने की थी जिसके चलते उन्होंने भी इन पर नाराजगी जाहिर की थी।
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नगर निगम के कर्मचारियों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसमें सांसद, विधायक सहित नौ के नाम पर एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के वीडियो की पड़ताल की जा रही है, साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्यवाही करेंगे।
शिवेन्द्र सिंह, सीएसपी रीवा
Published on:
02 Dec 2019 12:40 pm

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