
Blood donation positive message
रीवा. शासकीय कन्या महाविद्यालय में रेड रिबन क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के चीफ गेस्ट डा. अक्षय श्रीवास्तव रहे। अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डा. नीता सिंह ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्राणी शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डा.शशि सिंह, एपीएसयू के एनएसएस प्रभारी डा. सीएम तिवारी, महाविद्यालय गुणवत्ता प्रकोष्ठ के प्रभारी डा. एमएम द्विवेदी रहे।
उद्घाटन सत्र में डॉ. श्रीवास्तव ने छात्राओं को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। बताया कि महिला हो या पुरुष दोनों रक्तदान कर सकते हैं। जिसके लिए आयु 17 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। एक व्यक्ति के रक्त देने से 3 व्यक्तियों की जान बचाई जा सकती है। 42 दिनों तक रक्त को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके बाद नष्ट हो जाता है। डा. सी एम तिवारी ने छात्राओं को एनएसएस के लक्ष्य के बारे में बताया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. अमरजीत सिंह, डा.गायत्री खरे, डा. अनुपमा पांडे, अमिता मिश्रा, डा.पंकज नीरज, डॉ. अजीत मिश्रा एवं महाविद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम में संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय के ब्लड बैंक के कार्यकर्ता नेहा द्विवेदी, पल्लवी कर्ण, ज्योति साकेत, साक्षी मिश्रा आदि की उपस्थित एवं कार्य सराहनीय रहा।
छात्राओं ने किया रक्तदान
जीडीसी की छात्राओं ने इस अवसर पर रक्तदान किया। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय रीवा के ब्लड बैंक से आई मेडिकल टीम ने छात्राओं की स्क्रीनिंग टेस्ट और काउंसलिंग की। जिन छात्राओं का वजन 45-50 के ऊपर तथा हीमोग्लोबिन की पर्याप्त मात्रा थी, उन्हें रक्तदान के लिए उपयुक्त पाया गया। कन्या महाविद्यालय रीवा की 25 छात्राओं ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाली छात्राओं में कोमल तिवारी, अलका सिद्दीकी, अभिलाषा तिवारी, श्रुति पटेल, रिंकी गुप्ता, ऋचा सागर, प्रीति प्रियंका अहिरवार, सांत्वना पांडे, रोशनी कचेर, प्रीति त्रिपाठी, प्रियंका आर्य, सोनम तिवारी, कोमल द्विवेदी, साक्षी सिंह बघेल शामिल रहीं। रक्तदान डा. राकेश धनकर के निर्देशन में हुआ।
Updated on:
20 Feb 2020, 12:49 PM IST
Published on:
20 Feb 2020, 12:49 PM IST
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