
Bridge courses not started in gov schools of Rewa
रीवा। आखिर जिसका डर था, वही हुआ। ज्यादातर शासकीय स्कूलों में शासनादेश के अनुरूप 25 जून से ब्रिज कोर्स का संचालन शुरू नहीं हो सका है। विद्यालय पहुंचने वाली नहीं बराबर छात्रसंख्या इसका मुख्य कारण बनी। छात्रों की कम उपस्थिति विद्यालयों के प्राचार्य व शिक्षकों की लापरवाही का नतीजा माना जा रहा है।
31 जुलाई तक चलना है ब्रिज कोर्स
स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा आठवीं उत्तीर्ण कर नौवीं में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 25 जून से ब्रिज कोर्स संचालित करने का निर्देश दिया है लेकिन ज्यादातर स्कूलों में यह संभव नहीं हो सका है। ब्रिज कोर्स के लिए छात्र-छात्राओं का चयन बेसलाइन टेस्ट के जरिए किया जाना है। पढ़ाई में कमजोर व मध्यम वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए 31 जुलाई तक ब्रिज कोर्स का संचालन किया जाना है।
23 जून को हुआ बेसलाइन टेस्ट
शासकीय विद्यालयों में समय पर ब्रिज कोर्स संचालित नहीं हो सकेगा, इसका अंदाजा २३ जून को आयोजित बेसलाइन टेस्ट में ही लग गया था। शासन के निर्देशों के अनुरूप छात्रों के चयन के लिए विद्यालयों में 23 जून को बेसलाइन टेस्ट का आयोजन किया गया था। टेस्ट के दौरान ज्यादातर विद्यालयों में छात्रों की संख्या इकाई के अंक तक सीमित रही है।
जुलाई में शुरू करने की तैयारी
ज्यादातर विद्यालयों के प्राचार्य अब जुलाई में ब्रिज कोर्स शुरू करने की तैयारी में हैं। तर्क है कि जुलाई के पहले सप्ताह में विद्यालय आने वाले छात्रों की संख्या संतोषजनक हो जाएगी। उसी समय बचे छात्रों का बेसलाइन टेस्ट लिया जाएगा। टेस्ट के जरिए चिह्नित छात्रों की ब्रिज कोर्स से संबंधित कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी।
कम छात्रसंख्या पर प्राचार्यों का तर्क
विद्यालय पहुंचने वाले छात्रों की कम संख्या और ब्रिज कोर्स शुरू नहीं हो पाने के पीछे प्राचार्यों का तर्क कुछ और ही है। ज्यादातर प्राचार्यों का कहना है कि विद्यालय खुल गए हैं, इसके लिए छात्र और अभिभावक मानसिक रूप से तैयार नहीं हुए हैं। तमाम समझाइस के बावजूद छात्र यही मान रहे हैं कि पढ़ाई जुलाई से शुरू होगी।
Published on:
26 Jun 2018 04:49 pm
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