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दशकों बाद कांग्रेस का कार्यालय खुला, ऐसी आफत आई कि एक दिन में ही हो गया बंद, जानिए ऐसा क्या हुआ

- कमिश्नरी के सामने सरकारी बिल्डिंग पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खोला था कार्यालय

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रीवा

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Mrigendra Singh

Feb 05, 2019

rewa

congress party office controversy, rewa madhya pradesh

रीवा। लंबे समय से कार्यालय विहीन चल रही कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में सरकार बनने के बाद एक व्यवस्था बनाई जो पूरे दो दिन भी नहीं चल सकी। प्रशासनिक अधिकारियों ने पार्टी के बोर्ड को ही उखाड़कर जब्त कर लिया है। सत्ताधारी दल पर इस तरह की कार्रवाई आगे चलकर और भी बवाल पैदा करेगी।
३ फरवरी को कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं ने कमिश्नरी के सामने पूर्व में संचालित महिला बाल विकास विभाग के जेडी कार्यालय में अपना कब्जा जमा लिया था। यहां का कार्यालय शिल्पी प्लाजा में शिफ्ट हो जाने के चलते बिल्डिंग खाली थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दावा किया था कि संभागायुक्त को कार्यालय आवंटित करने के लिए आवेदन दिया गया है। उनकी मौखिक सहमति के बाद ही पार्टी का कार्यालय खोला गया था। जबकि संभागायुक्त ने इस पूरे मामले में अनभिज्ञता जाहिर की थी।
पूरे दिन कार्यालय में रौनक बनी रही। सुबह से ही पार्टी के कार्याकर्ताओं का यहां पर आनाजाना लगा रहा। लंबे समय के बाद कांग्रेस पार्टी के कार्यालय का बोर्ड देखकर रास्ते से निकलने वाले आम लोग भी वहां रुकते रहे। दोपहर में सर्व शिक्षा अभियान के लिए नियुक्त किए गए प्रेरकों की रैली भी कांग्रेस कार्यालय पहुंच गई। जहां पर मौजूद पार्टी के नेताओं को प्रेरकों ने एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि वचन पत्र में प्रेरकों को नियमित करने का वादा किया गया था। उस वादे को पार्टी पूरा कराए। मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन प्रेरकों ने देकर कहा है कि संगठन की ओर से कहा जाए कि जो वादा किया गया था उसे सरकार जल्द पूरा करे। दिन भर नए कार्यालय को देखने उत्साह के साथ कई कांग्रेसी पहुंचे। लेकिन सायं यह पार्टी का लगाया गया बोर्ड प्रशासन उखाड़ ले गया।

पार्टी नेताओं ने ही शिकायत दर्ज कराई
रकारी भवन में कार्यालय खोले जाने को लेकर कांग्रेस में एक राय नहीं थी। पार्टी के ग्रामीण और शहर कमेटी के अध्यक्षों को इसकी जानकारी नहीं थी। जबकि कार्यकारी अध्यक्षों एवं ब्लाक, मंडल के कई पदाधिकारियों ने सहमति जताई थी। बताया गया है कि इस मामले में पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से पीसीसी में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जहां से प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया और लोकसभा प्रभारी सविता दीवान ने भी जानकारी मांगी है।

दिन भर कार्रवाई से कतराता रहा प्रशासन
सत्ताधारी दल के कार्यालय में कार्रवाई करने की हिम्मत पूरे दिन प्रशासन के अधिकारी नहीं जुटा पा रहे थे। वह कांग्रेस के नेताओं से ही अपील कर रहे थे कि वह बोर्ड अपना हटा लें। तहसीलदार का वाहन वहां से गुजरा भी लेकिन भीड़भाड़ देखकर वह चले गए। सायं जब पार्टी के कार्यकर्ता भी वहां से चले गए तो तहसीलदार की टीम पहुंची और कार्यालय में लगे बोर्ड को उखाड़ ले गई।

Rewa IMAGE CREDIT: patrika

कांग्रेस ने कहा, स्वयं हटाया बोर्ड
कांग्रेस पार्टी के कार्यालय का बोर्ड प्रशासन द्वारा हटाए जाने की घटना से इंकार करते हुए कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि प्रशासन ने यह जानकारी दी थी कि उक्त भवन के आवंटन में तकनीकी समस्याएं पैदा हो रही हैं, जिसके चलते पार्टी का बोर्ड स्वयं हटा लिया गया है। पार्टी प्रवक्ता अशफाक अहमद का कहना है कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद पार्टी से लोगों की उम्मीदें बढ़ी हंै, शहर में अब तक कोई ऐसा स्थान नहीं था जहां पर पार्टी की गतिविधियां संचालित हो सकें। इसलिए नई व्यवस्था बनाई जा रही है, जल्द ही इस दिशा में प्रयास होंगे।