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बावरिया बोले पार्टी की आंतरिक खबरें किसी हालत में नहीं हों लीक, जानिए नेताओं को और क्या दी हिदायत

रीवा में दिल्ली रवाना होने से पहले बावरिया ने नेताओं को दी हिदायत

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रीवा

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Mrigendra Singh

Jul 31, 2018

congress

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रीवा। कांग्रेस की चुनावी तैयारियों की खबरें लीक होने को लेकर प्रदेश संगठन प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा है कि इस पर सख्ती के साथ रोक लगाने की जरूरत है। पार्टी की नीतियां क्रियान्वित होने से पहले ही अखबारों की सुर्खियां बन रही हैं। महत्वपूर्ण बैठकों में मीडिया की नो-इंट्री करें और बैठक समाप्त होने के बाद जरूरत के हिसाब से प्रेसनोट जारी करें।
दिल्ली रवाना होने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे बावरिया ने काफी देर तक पार्टी के ग्रामीण अध्यक्ष त्रियुगीनारायण शुक्ला और शहर अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू से चर्चा की। कहा कि नेताओं को यह हिदायत दें कि बेवजह की बयानबाजी करने से बचें और जनता के बीच अधिक से अधिक कार्यक्रम हों। इस दौरान कांग्रेस नेता राजेन्द्र मिश्रा, मुजीब खान, समर्थ सिंह, संदीप पटेल, गिरीश सिंह, रमाशंकर पटेल, विवेक तिवारी, लखनलाल खंडेलवाल, राकेश तिवारी, धु्रव सिंह, कुंवर सिंह, शिवप्रसाद प्रधान, मुस्तहाक खान, अशफाक अहमद, गुरुप्रसाद तिवारी, विद्यापाल गौतम, राजेश मिश्रा बब्बू, अनुपम तिवारी सहित अन्य मौजूद रहे।

कार्यकारी अध्यक्षों को दें जवाबदेही
कार्यकारी अध्यक्षों को विधानसभा क्षेत्रों में दौरे करने और जवाबदेही देने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी पदाधिकारी जनता के बीच जाएं सरकार की कमियों को बताएं। हर विधानसभा क्षेत्र में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

नेताओं ने कहा, हमारा ध्यान रखिएगा
रेलवे स्टेशन में मिलने पहुंचे कांग्रेस के कई नेताओं ने वहीं पर ही टिकट की दावेदारी फिर पेश कर दी। चंद्रमणि शुक्ला ने कहा कि मैं पार्टी का कर्मठ कार्यकर्ता हूं, हमने सड़क जाम की तो मुकदमे लगे थे। मंत्री को वापस लौटना पड़ा था। नेता प्रतिपक्ष ने इसी बीच पूछ लिया कि कब की घटना है तो बोले की तीन साल पहले की। तब कहा कि नया कुछ करिए। इसी दौरान अन्य कई नेताओं ने जल्दी-जल्दी अपना परिचय बताना शुरू कर दिया। बावरिया ने कहा कि काम करो, हमें पता चल जाएगा बताने की जरूरत नहीं है।
अजय सिंह से जाकर मिले
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह मौजूद थे। वह किनारे खड़े थे, इस कारण बावरिया उनसे मिलने के लिए वहीं पर जा पहुंचे और काफी देर तक नेताओं में चर्चा हुई। ट्रेन जाने का समय हुआ तो दोनों उसमें सवार होकर दिल्ली रवाना हो गए।


कांग्रेस को नहीं जनता को सुरक्षा दे सरकार
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया के साथ कार्यकर्ताओं द्वारा की गई धक्का-मुक्की ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने भी सहानुभूति जताई है और कहा कि वह चाहें तो सरकार सुरक्षा देने को तैयार है। सीधी से लौटे बावरिया ने 'पत्रिकाÓ से कहा कि सरकार के एहसान की जरूरत नहीं है। कांग्रेस नेताओं की नहीं जनता की सुरक्षा का इंतजाम करें। बैठकों में भाजपा के ही प्रायोजित लोगों द्वारा शोरशराबा करने का प्रयास किया जाता है। कई स्थानों पर ऐसा हो चुका है, रीवा में भी कुछ अज्ञात लोगों ने शोरशराबा किया है। हमें अपने कार्यकर्ताओं से कोई खतरा नहीं है, पार्टी के वालेंटियर और सेवादल के लोग पर्याप्त हैं। भाजपा अपनी सरकार बचाए वह कांग्रेस की चिंता नहीं करे। कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा में घबराहट है इस कारण वह लगातार पार्टी के कार्यक्रमों को व्यवधान डालने का प्रयास कर रहे हैं।
सीधी में कार्यकर्ताओं से रायशुमारी का पूरे दिन का कार्यक्रम था लेकिन अधूरे में ही छोड़कर वह दिल्ली जाने लिए वहां से रवाना हो गए। रीवा रेलवे स्टेशन पहुंचने पर उन्होंने कहा कि हम पूरे दम के साथ चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। इसके पहले सीधी में भी उन्होंने कहा कि सीएम का चयन विधायक दल करेगा, इसमें अभी समय है।

बोले दिल्ली जाने का पहले से तय था कार्यक्रम
रीवा में हुई घटना के बाद नेताओं को दिल्ली तलब किए जाने की अटकलबाजी पर बावरिया ने कहा कि इसका पहले से ही कार्यक्रम तय था। प्रदेश के सभी बड़े नेताओं को वहां पर साथ बुलाया गया है। जहां चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। रीवा एक्सप्रेस से बावरिया और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह एक साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए।

गृहमंत्री की चिट्ठी पर नेता प्रतिपक्ष का पलटवार
प्रदेश के गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा कांग्रेस के प्रदेश संगठन प्रभारी दीपक बावरिया की सुरक्षा को लेकर लिखे गए पत्र का जवाब नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने दिया है। उन्होंने भी एक पत्र गृहमंत्री के नाम लिखा है जिसमें कहा है कि आप राजनीतिक मजे लेने के लिए गृहमंत्री नहीं बने हैं जनता की सुरक्षा करिए, महिलाओं और कमजोर वर्गों पर हो रहे अत्याचार को रोकिए। इन्हीं के प्रति पहली जवाबदेही हैं। पत्र में कहा कि पहली बार ऐसा लगा कि सुरक्षा शब्द से आपका लेना-देना है, इसीलिए कांग्रेस को पत्र भेज रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने लिखा कि सुरक्षा के प्रति इतनी जवाबदेही समझते हैं तो अशोक नगर की उस महिला को सुरक्षा दीजिए जिससे भाजपा के नेताओं ने छेड़छाड़ किया था और गिरफ्तारी नहीं हो रही है। दूसरा प्रकरण सीधी के चुरहट का है जहां कन्या छात्रावास के वार्डन ने भाजयुमो नेता पर छेडख़ानी और धमकी देने का आरोप लगाया है। तीसरा प्रकरण मुरैना की नाबालिग बालिका के साथ ज्यादती का है जिसे रिपोर्ट लिखाने ७५ किलोमीटर दूर मुरैना जाना पड़ा। सुरक्षा की उसे जरूरत है। इंदौर में छेड़छाड़ से तंग आकर पांच जुलाई को आत्महत्या करने वाली छात्रा के पिता द्वारा शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं करने का है। शिवपुरी में भगवान के मंदिर से ५१ किलो सोने का कलश चोरी हो गया है। इन सबके अलावा प्रदेश बलात्कार में देश में पहले नंबर पर है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि गृहमंत्री जनता का पहले ध्यान दें जिसकी सुरक्षा की शपथ ली है।
रीवा में प्रदेश संगठन प्रभारी के साथ कार्यकर्ताओं की झूमाझटकी को लेकर पूरे दिन प्रदेश की राजनीति गर्माई रही। सभी दलों के नेताओं की ओर से बयान जारी किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी एक-दूसरे पर आरोपों के तीर छोड़े जा रहे हैं।