19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रीवा में बेटियों का गौरव : दीक्षांत समारोह में बेटियां रहीं आगे, 74 में 59 मेडल किया हासिल

- अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में अष्टम दीक्षांत समारोह का हुआ आयोजन, राज्यपाल ने बांटी उपाधियां- राज्यपाल ने सराहा, कहा बेटी-पढ़ाओ अभियान का यही है परिणाम

3 min read
Google source verification

रीवा

image

Mrigendra Singh

Jan 29, 2020

rewa

convocation apsu rewa, gold medal girls in rewa


रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का अष्टम दीक्षांत समारोह गरिमा के साथ आयोजित किया गया। जिसमें बेटियां ही पूरी कार्यक्रम में छाई रहीं। पीएचडी की डिग्री हो या फिर गोल्ड मेडल सबमें वह आगे रहीं। कुल 74 मेडल विश्वविद्यालय की ओर से प्रदान किए गए, जिसमें 59 की संख्या में छात्राएं रही हैं। इस पर राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा कि समाज में यही बड़ा बदलाव है कि जहां पहले बेटियों की संख्या न के बराबर होती थी, आज पूरा दीक्षांत इन्हीं बेटियों के नाम से गूंज रहा है यह गौरव का क्षण है।

उन्होंने कहा कि बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ का नारा जो दिया गया है, उसका अब परिणाम सामने आ रहा है। राज्यपाल ने कहा कि छात्रों सावधान हो जाओ, जिस तरह से बेटियां आगे बढ़ रही हैं सभी पदों पर काबिज हो जाएंगी, तुम्हारे लिए अवसर नहीं आएंगे। कहा कि नहीं पढ़ोगे तो तुम्हारी बहन जब कलेक्टर हो जाएगी तो क्लर्क बनकर उसका निर्देश मानना पड़ेगा। राज्यपाल ने कहा कि सरकारें भी अब प्रयास कर रही हैं कि बेटियों को बेहतर शिक्षा दी जा सके। दीक्षांत समारोह में पुलिस महानिरीक्षक चंचल शेखर, कलेक्टर बसंत कुर्रे, एसपी आबिद खान, विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रहस्यमणि मिश्रा, प्रभारी कुलसचिव लालसाहब सिंह, प्रो. एपी पाठक, प्रो. आरएन सिंह, वित्त नियंत्रक प्रवीण कुमार सिंह, प्रो. दिनेश कुशवाहा, प्रो. अतुल पाण्डेय, प्रो. श्रीकांत मिश्रा, प्रो. अंजली श्रीवास्तव, कार्यपरिषद सदस्य अजय सिंह, केके त्रिपाठी, राजभवन से आए मनोहर दुबे, कांग्रेस नेता सिद्धार्थ तिवारी सहित कई अन्य मौजूद रहे।


- भोपाल गैस कांड में मौतें विज्ञान न जानने के चलते हुईं : पटेरिया
दीक्षांत के मुख्य अतिथि सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के सलाहकार मनोज पटेरिया ने कहा कि हम जितना अधिक जागरुक होंगे उतनी बड़ी ऊंचाई हासिल करेंगे। विज्ञान की समझ लोगों में होना जरूरी है, उन्होंने १९८४ में भोपाल में हुए गैस त्रासदी का हवाला देते हुए कहा कि लोगों को पहले से जानकारी होती कि जिस गैस का रिसाव हो रहा है, वह नमी में नष्ट हो जाती है तो वह गीले कपड़े नाक में रख लेते और गैस फेफड़े में जाने से रोक सकते थे। उन्होंने कहा कि विज्ञान जानने के लिए केवल डिग्री हासिल करना आवश्यक नहीं है। लोग हवा की दिशा जानने के लिए धूल उड़ाते हैं तो वह जिस दिशा की ओर उड़ता है माना जाता है कि उसी दिशा में हवा बह रही है। भोपाल गैस कांड के समय भी इसका उपयोग किया जा सकता था, ताकि हवा के विपरीत दिशा में जाकर लोग जान बचा सकते थे। पटेरिया ने कहा कि अध्यात्म के बिना विज्ञान अधूरा है।
- अब केवल 30 दिन ही होगा एडमिशन, पढ़ाई समय पर होगी : पटवारी
उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सरकार ने कई नवाचार किए हैं। प्रोफेसरों का खाली पद भरना बड़ी चुनौती है, इसके लिए प्रयास शुरू हैं। उन्होंने कहा कि एडमिशन में इतना अधिक समय लग जाता है कि पढ़ाई के लिए कम अवधि बचती है। इसलिए अब सरकार ने तय किया है कि केवल ३० दिन ही एडमिशन चलेगा, इसके आगे तिथियां नहीं बढ़ाएंगे। कहा कि भोपाल की तर्ज पर एक-एक कालेज को बेहतर बनाने का भी अभियान चलाया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि अब हर संस्थान में एक-एक ग्रीन कैम्पस विकसित किया जाएगा। छात्राओं की अधिक संख्या दीक्षांत में होने पर कहा कि इसे और बेहतर बनाने के लिए मुफ्त शिक्षा बेटियों को देंगे।
- विश्वविद्यालय में 64 प्रतिशत छात्राएं पंजीकृत
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूषरंजन अग्रवाल ने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्तमान में 64 प्रतिशत छात्राएं विश्वविद्यालय में पंजीकृत हैं। छात्रों से अधिक संख्या में विश्वविद्यालय में इनका योगदान है। उन्होंने मेडल में 73 में से 59 छात्राएं होने की बात को भी गौरव बताते हुए कहा कि यह साबित करता है कि बेटियां तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं।
- स्मारिका का विमोचन
राज्यपाल लालजी टंडन, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी सहित अन्य अतिथियों ने विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई स्मारिका एवं प्रोफाइल बुक का विमोचन किया।