मॉर्निंग वॉक में युवाओं की संख्या कमजिससे फिजिकल एक्टिविटी समाप्त है। लोग पैदल बहुत कम चलते हैं। हाथ-पैर का ढुलना बंद हो गया है। शरीर का ब्लड सर्कु लेशन में इससे फर्क आ रहा है। वर्तमान दौर में देखें तो मॉर्निंग वॉक में बुर्जुग की अपेक्षा युवाओं की संख्या बहुत कम हो गई है। इसका असर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ रहा है। इसके अलावा खानपान अनियंत्रित हो गया है। जिससे शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ रही है। डायबिटीज से मोटापा आ रहा है। जो हार्ट अटैक का दूसरा बड़ा कारण है। देखा जा रहा है कि छोटी उम्र में उच्च रक्तचाप की समस्या देखने को मिल रही है।
नशा भी दे रहा दिल को जख्मवर्तमान दौर में 80 प्रतिशत युवा तंबाकू सेवन, धूम्रपान से लेकर अन्य प्रकार का नशा कर रहे हैं। रोजगार न मिलने के कारण या घरेलू समस्या इसकी वजह हो सकती है। लेकिन नशे की लत उनके खुद के दिल ‘ह्दय’ को कितनी चोट पहुंच रही है। इसका अंदाजा उनको नहीं है।
ये है बचावसुबह-शाम हर दिन आधे घंटे टहलने की आदत डालें।
मोबाइल-कम्प्यूटर पर उतना ही समय दें जितना जरूरी हो।
धूम्रपान, तंबाकू सेवन या अन्य प्रकार के नशे से दूरी रखें।
ग्रुप बनाकर शांत वातावरण में हंसकर तनाव को दूर करें।