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हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच में लापरवाही न बरतें

रीवा. जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर प्रतिभा पाल ने की। इस दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों व चिकित्सकों से कहा कि हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतें। उन्होंने शिशु व मातृ मृत्यु की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि किन परिस्थिति में मृत्यु हुई इसका परीक्षण हो तथा जिम्मेदार व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही भी प्रस्तावित करें। उन्होंने आगाह किया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

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Do not be negligent in examining high-risk pregnant women

Do not be negligent in examining high-risk pregnant women

कलेक्टर ने कहा कि शिशु व मातृ स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिये मैदानी विभागीय अमले को सक्रिय रखें तथा सजगता से गर्र्भवती महिलाओं का पंजीयन करते हुए उनके स्वास्थ्य की सतत निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ाने तथा नवजात शिशु के स्वास्थ्य के लिये शासन द्वारा संचालित विभागीय योजनाओं के लक्ष्यों की पूर्ति हरहाल में होनी चाहिए।

उन्होंने विकासखण्ड स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाइपरटेंशन या अन्य बीमारी से गर्भवती महिला की प्रसव के दौरान मृत्यु न हो, उसे पर्याप्त चिकित्सा सुविधा मिले तथा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में रक्त की उपलब्धता रहे, यह ध्यान रखा जाए। बैठक में सीएमएचओ डॉ. बीएल मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. संजीव शुक्ला, जिला कार्यक्रम अधिकारीए महिला एवं बाल विकास प्रतिभा पाण्डेय, डॉ. बीके सहित चिकित्सक अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

तीन चरणों में चलेगा टीकाकरण
आगामी 7 अगस्त से 12 अगस्त तक, 11 सितंबर से 16 सितंबर तक एवं 9 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक तीन चरणों में 5 वर्ष आयु तक के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा, जो कोविड काल में टीकाकरण से वंचित रह गये थे। कलेक्टर ने सभी तैयारियां पूरी कर कार्ययोजना बनाकर टीकाकरण का कार्य कराने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिये।

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