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मोबाइल से चल रहा नशीली दवा का कारोबार

शहर में नशीली दवा की तस्करी करने वाले गिरोह ने ट्रेंड बदल दिया है। नशीली दवा बिक्री का पूरा कारोबार मोबाइल से ही चल रहा है। शहर में मुंह मांगे कीमत में बिक रही है।

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Gwalior Online

Jul 15, 2015

Drugs Syrup Bussiness

Drugs Syrup Bussiness

रीवा। शहर में नशीली दवा की तस्करी करने वाले गिरोह ने ट्रेंड बदल दिया है।
नशीली दवा बिक्री का पूरा कारोबार मोबाइल से ही चल रहा है। शहर में मुंह
मांगे कीमत में बिक रही है।



फोन करने पर युवकों को संबंधित जगहों पर पहुंचा दी जाती है। इसके लिए उनको
60 रुपए की नशीली दवा 150 रुपए में खरीदनी पड़ती है। स्टाक कम होने पर यह
दवा 200 रुपए तक में बिकती है। इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब सिटी
कोतवाली पुलिस ने फोर्ट रोड में दो युवकों को नशीली दवा पीते पकड़ा था। उन
युवकों ने इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया। शहर के कुछ मेडिकल स्टोर
संचालक भी नशीली दवा की बिक्री करते हैं, लेकिन उसका स्टाक वे दुकान में
नहीं रखते हैं। नशीली दवा विश्वसनीय आदमी द्वारा फोन करने पर ही मेडिकल
स्टोर संचालक उपलब्ध करवाते हैं। यदि पुलिस एक-दो शीशी के साथ युवक को पकड़
भी लेती है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है।



सिर्फ तस्करी के लिए उपयोग करते हैं नंबरनशीली दवा की बिक्री के लिए मेडिकल
स्टोर संचालक जिस नंबर का इस्तमाल करते है उसका उपयोग सिर्फ तस्करी के लिए
होता है। बाजार से फर्जी तरीके से लिए गए इस नंबर उपयोग अन्य कामों के लिए
नहीं करते हैं।



यूपी से आ रही खेप



वर्तमान में जिले के भीतर नशीली दवा की खेप यूपी से आ रही है। इसका मुख्य
क्षेत्र बरगढ़ और मानिकपुर का इलाका है जहां से यह लाई जाती है। खेप बेहद
गोपनीय तरीके से मंगवाई जाती है जो पुलिस के राडार में नहीं फंस रही है।



नशीली दवा की बिक्री करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है और
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान
में नशीली दवा की बिक्री में काफी हद तक अंकुश लगा है।

आकाश जिंदल, एसपी रीवा