अभी तक स्वीकृति करीब 17.8 5 अरब में से 13.8 3 अरब खर्च हो चुके हैं। संभाग में रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली जिले आते हैं। इनमें रीवा जिले की स्थिति सबसे खराब है। यहां स्वीकृति 4.90 अरब में से 3.6 4 अरब सड़कों के निर्माण में खर्च हो चुका है। बावजूद इसके 106 प्रोजेक्ट अभी भी लंबित हैं। जिसमें 93 सड़के निर्माणाधीन बताई जाती हैं जबकि 13 सड़कों के लिए निविदा होने की बात कही जा रही है। ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट लंबित होने की वजह केंद्र से बजट न मिलना, ठेकेदारों की उदासीनता और भूमि विवाद मुख्य है।