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उम्मीद की पटरी से उतरी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

खर्च 13.83 अरब, पर दो सैकड़ा प्रोजेक्ट लंबित, संभाग में स्वीकृति हुई थी 1315 सड़कें, अभी तक  1043 का काम हुआ पूरा, करीब 247 सड़कें अपूर्ण

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Satna Online

Oct 02, 2015

kabirdham road

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रीवा

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की अतिमहत्वाकांक्षी परियोजना प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की गति रीवा संभाग में शुरुआती दौर में सरपट दौडऩे के बाद अब सुस्त पड़ गई है। शुरुआती चार साल तक जो सड़कें स्वीकृति हुई, सभी समय पर पूरी की गर्इं। लेकिन इसके बाद से प्रोजेक्ट लंबित होते गए और आज इनकी संख्या दो सैकड़ा पार हो गई है।

रीवा संभाग के संदर्भ में बात करें तो प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2000-2001 से लेकर अब तक कुल 1315 सड़क निर्माण के प्रोजेक्ट स्वीकृति किए गए। इनमें से 1043 प्रोजेक्ट का काम पूरा हो पाया है। 247 प्रोजेक्ट लंबित हैं। जबकि 25 प्रोजेक्ट भूमि की अनुपलब्धता के चलते बंद कर दिए गए। ज्यादातर प्रोजेक्ट वर्ष 2007-08 के बाद से लंबित हैं।

अभी तक स्वीकृति करीब 17.8 5 अरब में से 13.8 3 अरब खर्च हो चुके हैं। संभाग में रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली जिले आते हैं। इनमें रीवा जिले की स्थिति सबसे खराब है। यहां स्वीकृति 4.90 अरब में से 3.6 4 अरब सड़कों के निर्माण में खर्च हो चुका है। बावजूद इसके 106 प्रोजेक्ट अभी भी लंबित हैं। जिसमें 93 सड़के निर्माणाधीन बताई जाती हैं जबकि 13 सड़कों के लिए निविदा होने की बात कही जा रही है। ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट लंबित होने की वजह केंद्र से बजट न मिलना, ठेकेदारों की उदासीनता और भूमि विवाद मुख्य है।


...और 25 प्रोजेक्ट बंद

मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण रीवा के मुताबिक संभाग में 25 प्रोजेक्ट बंद कर दिए गए हैं। इसके पीछे भूमि की अनुपलब्धता बताई जाती है। रीवा जिले की 10 सड़कें, सतना की 3 सड़के और सिंगरौली की 12 सड़के शामिल हैं। सिंगरौली की 11 सड़कें बगदरा अभ्यारण्य में होने के कारण और 1 सड़क एस्सार पॉवर प्रोजेक्ट में ओवर लैप होने के चलते विलोपित की गई हैं।

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