
Farmers locked the main gate of Agricultural Market
रीवा. सीएस बसंत प्रपात सिंह की समीक्षा के दूसरे दिन ही खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था बेपटरी हो गई। मंडी खरीदी बंद होने और केन्द्र की अव्यवस्था से आजिज आए किसानों ने कृषि उपज मंडी करहिया के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। चिलचिलाती धूप में तोल के लिए चार दिन से खड़े किसानों का आक्रोश देख मंडी अधिकारियों के हाथ-पांच फूल गए। दोपहर मंडी पहुंचे एसडीएम हुजूर केपी पांडेय ने परिवहन के लिए तीन ट्रक बुलवाए और नए शेड पर तोल शुरू कराया तब किसान शांत हुए।
कलेक्टर ने जिम्मेदारों को लगाई कड़ी फटकार
दोपहर करीब तीन घंटे तक किसानों ने बवाल काटा। शाम करीब चार बजे कलेक्टर प्रीति मैथिल एडिशनल एसपी आशुतोष गुप्ता के साथ करहिया मंडी पहुंचीं। कलेक्टर ने जिम्मेदारों का कड़ी फटकार लगाई और अधिकारियों को निर्देश दिया कि समय से उठाव नहीं हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी। इस दौरान किसानों ने कलेक्टर से चोरहटा, खैरा, बहुरीबांधी सहित दुआरी केन्द्र की व्यवस्था बताई। अमवा गांव के किसान राजेश शुक्ला ने कलेक्टर से बताया कि तोल के लिए तीन दिन से खड़े हैं, केन्द्र पर जगह नहीं होने के कारण तौल नहीं हो पा रही है। पवन कुशवाहा ने कहा मैडम मंडी में चार दिन से साठ क्विंटल गेहूं लेकर खड़े हैं।
भूखे-प्यासे केन्द्र पर उपज बेचने खड़े किसान
कंचनुपर के अशोक पाठक ने कहा चार दिन से भूखे-प्यासे खड़े हैं, लेकिन अव्यवस्था के चलते तोल नहीं हो पा रही है। किसानों ने कलेक्टर से बताया कि केन्द्र पर समय से गेहूं का उठाव नहीं किया जा रहा है। जगह नहीं होने के कारण तोल बंद हो गई। दो दिन पहले तहसीलदार जितेन्द्र त्रिपाठी भी उठाव का आश्वासन दे गए थे, दूसरे दिन भी उठाव के लिए ट्रक नहीं आए और न ही लेबर हैं।
कलेक्टर ने ट्रांसपोर्टरों को चेताया
किसानों ने बताया कि पिछले दस दिन से समय से उठाव नहीं होने के कारण तौल समय से नहीं हो रही है। किसानों को सझाइश देने के बाद कलेक्टर ने ट्रांसपोर्टरों से अलग से बात की, इस दौरान कलेक्टर ने ट्रांसपोर्टरों को कड़ी फटकार लगाई और निर्देश दिए कि व्यवस्था जल्द सुनिश्चित की जाए, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।
करहिया मंडी में उपज लोड कर खड़े 300 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली
कृषि उपज मंडी करहिया परिसर में गेहूं तोल के लिए तीन केन्द्र बनाए गए हैं। चोरहटा, खैरा, बहुरीबांध केन्द्रों पर गेहूं की तोल हो रही है, जबकि दुआरी केन्द्र पर भावांतर से जुड़ी फसलों की तोल की जा रही है। केन्द्रों पर अव्यवस्था के चलते 300 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉली पर किसान गेहंू लेकर खड़े हैं। चिलचिलाती धूप में किसान अपनी उपज बेचने के लिए पसीना बहा रहे हैं।
साढ़े सात लाख क्विंटल तोल, डेढ़ लाख क्विंटल गेहूं का उठाव नहीं
जिले में 18 मई तक साढ़े साल लाख क्विंटल से ज्यदा गेहूं की तोल हो चुकी है। जबकि केन्द्रों पर समय से परिवहन नहीं होने से तोल बंद हो गई है। कई केन्द्रों पर तोल प्रभावित होने से किसान उपज बेचने के लिए चिलचिलाती धूप में परेशान हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते गेहूं खरीदी की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। केन्द्रों पर डेढ़ लाख क्विंटल से ज्यादा गेहंू का उठाव नहीं हो सका है।
Published on:
19 May 2018 12:28 pm
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